
फोटो सोर्स- पत्रिका
MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने की बजाय और बढ़ते जा रहे हैं। लोकायुक्त के द्वारा लगातार रंगे हाथों अफसर और कर्मचारी पकड़े जा रहे हैं। बावजूद इसके रिश्वतखोरी के मामलों में कमी नहीं आ रही है। ऐसा ही मामला सिवनी जिले से सामने आया है। यहां पर पटवारी को 6 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
आवेदक भगतराम खरे निवासी बोरीखुर्द तहसील बरघाट जिला सिवनी ने बताया कि पत्नी बैगीन बाई खरे को उनकी माता के द्वारा ग्राम पंचायत धपारा में खसरा क्रमांक 627 में से 1/5 हिस्सा दिया था। जिसके लिए सीमांकन भी करवाया था। सीमांकन के बाद पावती देने की एवज में पटवारी के द्वारा आवेदक से 6 हजार की रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथों पकड़ा लिया गया।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।
अंकित शुक्ला ने बताया था कि बताया कि उसके साथ एक महीने पहले अमिलिया क्षेत्र में मारपीट हुई थी। जिसमें उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट की आवश्यकता थी। मगर, बीएमओ डॉक्टर स्वतंत्र पटेल के द्वारा मेडिकल रिपोर्ट में गहरा घाव लिखने के लिए 10 हजार की रिश्वत मांग रहे थे। बार-बार कहने पर वह 5 हजार रूपये में मेडिकल रिपोर्ट में 'गहरा घाव' लिखने के लिए राजी हो गया। जिसके बाद जैसे ही डॉक्टर स्वतंत्र पटेल को 5 हजार रुपये की रिश्वत ली। तुरंत ही मौके पर मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
12 Feb 2026 04:03 pm
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