
सिवनी. जिला अस्पताल में सस्ते एवं अच्छे इलाज की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। कई विभाग में डॉक्टरों की कमी के साथ ही कई जांच सुविधाएं भी नदारद हैं। अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन तो है, लेकिन जांच के लिए डॉक्टर ही पदस्थ नहीं है। ऐसे में मरीजों को महंगी फीस देकर प्राइवेट क्लिनिक पर जांच करानी पड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि लगभग दस वर्ष से यह स्थिति है। शासन भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। इसके अलावा अस्पताल में एमआरआई जांच भी नहीं होती है। सिटी स्कैन की सुविधा है, लेकिन उसमें भी मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में 125 तरह की जांच का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत में अधिकतर समय जांच के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ता है। जिला अस्पताल में आलम यह है कि कई बार तो विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी की वजह से मरीजों की जान पर बन आ रही है। आए दिन मरीजों को जबलपुर, नागपुर रेफर कर दिया जा रहा है।
दर्जनों पद काफी समय से रिक्त
जिला अस्पताल में वर्तमान में चार चिकित्सा विशेषज्ञ के पद स्वीकृत हैं, जबकि दो पद रिक्त हैं। यहां चार शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होनी थी, लेकिन तीन ही डॉक्टर कार्यरत हैं। इसके अलावा यहां एक निश्चेतना विशेषज्ञ, एक नेत्र रोग विशेषज्ञ, एक अस्थि रोग विशेषज्ञ, दो रेडियोलॉजिस्ट, एक नाक, कान, गला विशेषज्ञ, एक दंत रोग विशेषज्ञ, एक क्षय रोग विशेषज्ञ, 12 मेडिकल ऑफिसर, दो दंत शल्य चिकित्सक, एक आयुष चिकित्सक का पद रिक्तहै।
ट्रामा सेंटर में स्थिति काफी खराब
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर (आघात केन्द्र) में डॉक्टरों की स्थिति तो काफी खराब है। यहां एक चिकित्सा विशेषज्ञ, दो निश्चेतना विशेषज्ञ, दो अस्थि रोग विशेषज्ञ, दो सर्जिकल विशेष, छह चिकित्सा अधिकारी के पद स्वीकृत हैं, जबकि एक भी डॉक्टर कार्यरत नहीं है। बता दें कि जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एक विशेष सुविधा रहती है जो गंभीर और जानलेवा चोट जैसे सडक़ दुर्घटना या गोली लगने से हुई चोटों का तुरंत और प्रभावी ढंग से इलाज करती है। इसमें जीवन-रक्षक उपकरण, अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम (जैसे ट्रॉमा सर्जन, न्यूरोसर्जन और समर्पित स्टाफ ) चौबीसों घंटे उपलब्ध होता है ताकि मरीजों की जान बचाई जा सके और उनकी विकलांगता को कम किया जा सके।
इनका कहना है…
जिला अस्पताल में लगभग दस वर्ष से सोनोग्राफी जांच नहीं हो पा रही है। मशीन तो है, लेकिन डॉक्टर नहीं है। उम्मीद है कि शासन जल्द ही नियुक्ति करेगी।
डॉ. पी. सूर्या, आरएमओ, जिला अस्पताल
Published on:
11 Feb 2026 04:13 pm
