सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र के जंगलों से निकलकर बाघ के दो शावक दक्षिण पूर्व वनमंडल के कुरई थाना क्षेत्र के चीखलापानी गांव निवासी दुलीचंद आहके के घर की बाड़ी के मंदिर में सोमवार रात आराम करते हुए नजर आए। सूचना से गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना रात 8 बजे वन […]
सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र के जंगलों से निकलकर बाघ के दो शावक दक्षिण पूर्व वनमंडल के कुरई थाना क्षेत्र के चीखलापानी गांव निवासी दुलीचंद आहके के घर की बाड़ी के मंदिर में सोमवार रात आराम करते हुए नजर आए। सूचना से गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना रात 8 बजे वन विभाग को दी। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से बाघ के शावकों को पिंजरे में कैद करने के लिए रेस्क्यू शुरु किया। काफी मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह 3 बजे दोनों बाघों को पिंजरे में कैद किया गया। इसके बाद खवासा में डॉक्टरों की जांच के बाद दोनों बाघों को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया गया। एसडीओ योगेश पटेल ने बताया कि जंगल में कैमरे लगाए जा रहे हैं। अगर शावकों की मां उन्हें खोजने आती है तो फिर दोनों शावकों को फिर से इसी क्षेत्र के जंगल में छोड़ा जाएगा। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पेंच टाइगर रिजर्व के अरी बफर क्षेत्र में एक बाघिन के साथ चार शावक दिखाई दिए थे। 24 जनवरी को अरी बफर क्षेत्र में इसी में से एक शावक कमजोर अवस्था में मिला था और अगले दिन उसकी मौत हो गई थी। वन विभाग को अंदेशा है कि मंदिर में बैठे दोनों शावक भी उसी बाघिन के हैं।