
सिवनी. सिवनी के युवा बिक्की कश्यप ने पेड़ की जड़ और लकड़ी से भगवान भोलेनाथ की आकर्षक आकृति तैयार की है। आजाद वार्ड निवासी बिक्की ने ‘पत्रिका’ को बताया कि बचपन से बेकार चीजों को एकत्र कर कुछ अलग बनाने की कोशिश करता रहा। पढ़ाई के साथ-साथ इस क्षेत्र में रुचि बढ़ती गई। धीरे-धीरे अपनी बनाई कलाकृतियों को सोशल मीडिया पर वायरल करने लगा, जिसे खूब सराहना मिली। इससे मनोबल बढऩे लगा। दूसरे लोग साथ जुड़ते गए और नए-नए आइडिया मिलने लगे।
बिक्की ने बताया कि मठ मंदिर परिसर में सावन माह की शुरुआत के पूर्व से ही चंदन की सूखी लकड़ी, टोकनी और बरगद के पेड़ की जड़ों को एकत्र कर भगवान भोलेनाथ का आकर्षक रूप तैयार कर दिया। उसके इस कार्य में राहुल रघुवंशी का योगदान है। शिव की आकृति तैयार करने में 25 दिन का समय लगा है। मठ मंदिर आने वाले श्रद्धालु उसकी कलाकृति को खूब सराह रहे हैं।
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विक्की ने बताया कि भगवान शिव की कलाकृति बनाने के लिए सबसे पहले एक गड्ढा खोदा। इसके बाद पेड़ से काटकर लाई गई टहनी को उसमें खड़ाकर मिट्टी से भर दिया। बीते दिनों आई आंधी में उसने सहयोगी के साथ लकडिय़ों को एकत्र किया था। उसको टहनी से जोडऩे के बाद उसमें जंगल से लाई गई बरगद की जड़, टोकनी और अन्य सामानों का उपयोग कर भोलेनाथ और नाग की आकृति तैयार कर दी। भगवान भोलेनाथ की आकृति को देखने के लिए शहरभर के लोग मठ मंदिर पहुंच रहे हैं।