सिवनी

किसान को कार की डिक्की में किया बंद, एमपी के सरकारी अधिकारी का वीडियो वायरल

Video viral: मध्य प्रदेश के सिवनी से जल संसाधन विभाग के एसडीओ की दबंगई का वीडियो वायरल हुआ है। यहां वह एक किसान के साथ धक्का-मुक्की, तो दूसरे को अपनी कार की डिक्की में बंद करते हुए नजर आए।

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Feb 16, 2025

Video viral: मध्य प्रदेश के सिवनी में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक सरकारी अधिकारी किसानों के साथ गुंडागर्दी करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में जल संसाधन विभाग के एसडीओ राम बघेल एक किसान के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो केवलारी विधानसभा के मलारी गांव का बताया जा रहा है। वीडियो में एसडीओ एक किसान की धक्का-मुक्की करते और दूसरे किसान को कार की डिग्गी में बंद करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि किसान ने नहर का पानी अपने खेत तक पहुंचाने के लिए खुदाई कर दी थी, जिससे जल प्रबंधन प्रणाली प्रभावित हो सकती थी। इस पर एसडीओ राम बघेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किसान को पकड़ लिया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई करने की बजाय स्वयं किसान को सजा देने की कोशिश की। वायरल वीडियो में वह किसान की पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं, जब दूसरा किसान साइकिल से भागने की कोशिश कर रहा था तब, उन्होंने और उसे कार की डिग्गी में बंद करने कोशिश की।

एसडीएम बोले - 'मैं किसी भी हद तक जाऊंगा'

वायरल वीडियो में एसडीओ राम बघेल एक किसान को धमकी देते हुए कह रहे हैं कि, तुम किसान हो अपनी सीमा में रहो। मैं तुम्हारी ऐसी-तैसी कर दूंगा। वह बोलते हुए सुनाई दिए कि बना लो वीडियो जो करना है, कर लो। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीण सहित सभी लोग जल संसाधन विभाग के एसडीओ राम बघेल पर कार्रवाई की मांग कर हैं।

पानी की समस्या से जूझ रहे किसान

बता दें कि, इस घटना से दो दिन पहले सिवनी के बंडोल और कंलारबाकी में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर चक्का जाम कर दिया था। किसानों ने सिंचाई विभाग आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। किसानों ने बताया कि उनके क्षेत्र में नहर तो बनी, लेकिन पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों का आरोप था कि पेंच परियोजना, जो छिंदवाड़ा जिले से शुरू होती है, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। किसानों का कहना है कि वे अब आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे। वे प्रशासन से लिखित में यह जानना चाहते हैं कि उनके खेतों में पानी कब तक पहुंचेगा। जब तक उन्हें यह जानकारी नहीं मिलती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

Updated on:
16 Feb 2025 03:10 pm
Published on:
16 Feb 2025 02:16 pm
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