
शहडोल- जिले में पद्मावति फिल्म को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी था। अभी हाल ही में रॉयल राजपूत संगठन ने नगर में बाइक रैली निकालकर इस फिल्म का विरोध किया था। और अब जब ये फिल्म प्रदेश में बैन हो गई है। तो इस फिल्म को रिलीज ना करने को लेकर लगातार विरोध कर रहे लोगों ने खुशी जाहिर की है। फिल्म पद्मावति को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। देश के अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीके से इस फिल्म को लेकर विरोध जारी है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान कर दिया है की प्रदेश में पद्मावति फिल्म प्रतिबंधित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में सबसे पहले ये कदम उठाया है और फिल्म पद्मावति पर बैन लगा दिया है।
रॉयल राजपूत संगठन ने नगर में निकाली थी बाइक रैली
रानी पद्मावती पर बनाई गई फिल्म को लेकर रॉयल राजपूत संघ के सदस्यों ने भी अभी हाल ही में विरोध करते हुए नगर में बाइक रैली निकाली थी। इस दौरान रॉयल राजपूत संघ के कार्यकर्ता और भजयुमों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने मिलकर नगर के कलेक्ट्रेट के सामने जयस्तंभ चौक से पुराना बस स्टैंड, नगरपालिका चौक होते हुए गांधी चौक, होकर बुढ़ार चौक से के- स्क्वायर माल तक रैली निकाली थी और फिर इसके बाद के-स्क्वायर माल के संचालक बलमीत सिंह खनूजा को फिल्म नहीं दिखाने और रिलीज ना करने के लिए ज्ञापन सौंपा था। सिनेमा घर संचालक ने कार्यकर्ताओं को फिल्म नहीं दिखाने का आश्वासन भी दिया था।
गौरतलब है कि रानी पद्मावती के नाम पर बनाई गई फिल्म का विरोध जिले में पिछले कई दिनों से हो रहा है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस फिल्म को तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत किए जाने से हिन्दुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।