
शहडोल. जन जागरण यात्रा के साथ शहडोल पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सबको एकता का पाठ पढ़ाया था और तेरा-मेरा छोड़कर एक साथ चलने की बात कही थी। जिसके ठीक दूसरे दिन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के एक बयान से जिला प्रभारी के सामने कांग्रेसी एकता की कलई खुल गई। कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक देखते-देखते अखाड़े में तब्दील हो गई। बात एक दूसरे को देख लेने तक पहुंच गई। घंटों तक कांग्रेस भवन में बवाल मचा रहा। बाद में जिला प्रभारी हाजी कदीर सोनी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
यूं उपजा विवाद
रविवार को प्रदेश नेतृत्व द्वारा नियुक्त जिला प्रभारी हाजी कदीर सोनी की उपस्थिति में कांग्रेस भवन में एक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारियों के साथ ही समस्त प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया था। दोपहर 12 बजे से आयोजित इस बैठक में विभिन्न प्रकोष्ठों के साथ मण्डलम अध्यक्ष भी पहुंचे थे। बैठक में जिलाध्यक्ष ने समस्त मण्डलम अध्यक्ष को फर्जी बता दिया। इसी बात को लेकर बात बिगड़ गई। जिला प्रभारी के सामने ही जिलाध्यक्ष और कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता तू-तू मंै-मैं पर उतर आए और बात एक दूसरे को देख लेने तक पहुंच गई।
बैठक में दिए आवश्यक निर्देश
बैठक में जिला प्रभारी ने सभी पदाधिकारियों से चर्चा की। साथ ही विधानसभा चुनाव के संभावित प्रत्याशियों से भी मुलाकात कर सभी से संगठन को मजबूत करने की बात कही। बैठक में कुछ प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल नहीं हुए। जिसे लेकर नाराजगी जताते हुए सोनी ने प्रदेश नेतृत्व के समक्ष बात रखने की बात भी कही। बैठक में जिला प्रभारी के अलावा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, प्रदेश सचिव नीरज द्विवेदी, कार्यवाहक अध्यक्ष महमूद अहमद, यादवेंद्र पाण्डेय, राकेश कटारे, नपा उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष उमा धुर्वे, संभागीय प्रवक्ता बलमीत सिंह खनूजा, विनोद ताम्रकार, मुबारक मास्टर, प्रदीप सिंह, विनोद पाठक, हनुमान मिश्रा, प्रमोद जैन पम्मू, मोहम्मद आजाद, प्रवक्ता हुसैन अली, नोशेरमा खान आदि मौजूद थे।
घर में बात चीत होती रहती है। बैठक के दौरान अमर्यादित बाते नहीं हुई हैं। मैं १५ अगस्त को पीसीसी की बैठक में मण्डलम अध्यक्षों की सूची व उनके नियुक्ति पत्र जारी करने की बात रखूंगा।
हाजी कदीर सोनी, कांग्रेस जिला प्रभारी