ओलंपिक गेम में दिलाउंगा देश को सोना

आठवीं एशियन एयरगन शूटिंग चैंपियनशिप में ओंकार ने रचा इतिहास

2 min read
Oct 06, 2015
sport
Olympic madel photo
भालूमाड़ा। दिल्ली में आयोजित आठवीं एशियन एयरगन शूटिंग चैम्पियनशिप मेंस में जिले के लाल ओंकार सिंह ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। प्रतियोगिता में इतिहास रचते हुए शूटर ओंकार ने देश को पहली बार गोल्ड मैडल दिलवाया है। अभी तक भारत को सिल्वर व बेंज मेडल से ही संतोष करना पड़ रहा था। शूटर ओंकार ने बताया कि उनका फाइनल मुकाबला कजाकिस्तान और साऊदी अरब से था। 10 मीटर एयर पिस्टल में निशाना साधते हुए ओंकार ने 600 में से 575 अंक हांसिल कर गोल्ड मैडल को देश के नाम कर दिया। जबकि सिल्डर मेडल कजाकिस्तान को व बेंज साऊदी अरब को मिला। गौरतलब है कि भालूमाड़ा निवासी ओंकार सिंह दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भी देश को गोल्ड मेडल दिला चुके हैं। ओमकार शूटर के अलावा देश की जल सेना में भी अफसर हैं। वे वर्तमान समय में कोयंबटूर में मास्टर चीफ पीटी ऑफीसर के पद पर कार्यरत हैं।

कुवैत में जीते तो ओलंपिक में मौका
इस बड़ी सफलता के बाद ओंमकार अपने घर भालूमाड़ा आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि अब मेरा लक्ष्य लक्ष्य एक नवम्बर से कुवैत में आयोजित होने वाले 13 एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में भारत को गोल्ड मैडल दिलाना है। नैवीमैन ओंमकार सिंह का मैच 2 नवम्बर व 4 नवम्बर को होना है। जिसमें दो इवेंट पहला 50 मीटर फ्री पिस्टल तथा दूसरा 10 मीटर एयर पिस्टल में निशाना साधा जाना है। यह आयोजन 2016 में आयोजित होने वाले ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने का भी अंतिम अवसर होगा। हालांकि इस गेम में भारत के कीर्तिमान खिलाड़ी सहित 32 खिलाड़ी अलग अलग ग्रूप में सीनियर व जूनियर ग्रूप में होंगे। इसमें भारत की ओर से गगन नारंग, जीतूराय, विजय कुमार, गुरप्रीत सिंह, जैसे दिग्गज भी है।

ओलंपिक में गोल्ड लाना ही लक्ष्य
ओमकार सिंह का कहना है कि इस जीत ने एक बार फिर उनका विश्वास बढ़ा दिया है। इस बार हर हाल में कुवैत में फतेह करते हुए ओलंपिक में भारत को गोल्ड मैडल दिलाना है। ओमकार का कहना है कि यही उनका लक्ष्य है। कुवैत में आयोजित होने वाले चैम्पियनशिप को तैयारियों की नजर में फाईनल रिहर्सल मानते हुए वर्ष 2016 के ओलम्पिक में देश को गोल्ड दिलाने की उम्मीद व विश्वास जताया है।

माता-पिता को समर्पित सभी मैडल
अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर 128 मैडल जीत चुके ओमकार ने अपने सभी मैडल स्व. पिता दिनेश सिंह और मां प्रभादेवी को समर्पित किया है। उन्होंने बताया कि स्कूल के शिक्षकों का भी हौसला बढ़ाने में बड़ा सहयोग रहा है। ओमकार ने 31 अंतर्राष्ट्रीय 97 राष्ट्रीय मेडल जीते हैं। मिले मेडलों में सबसे बड़ी उपलब्धि दिल्ली में आयोजित 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल, 2012 में अर्जुन अवार्ड एवं वर्ष 2013 में सेना का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान शामिल हैं।
Published on:
06 Oct 2015 09:44 pm