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Namo Cities: NCR में बसेंगी 4 नई ‘नमो सिटी’, दिल्ली का दबाव घटाने के लिए केंद्र देगा 5000 करोड़ रुपये

NCR Namo Cities: दिल्ली-एनसीआर में आबादी का दबाव कम करने के लिए केंद्र सरकार ने चार नई 'नमो सिटी' विकसित करने का फैसला किया है। राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बनने वाले इन ग्रीनफील्ड शहरों को 5000 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी और आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

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भारत

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Anurag Animesh

Jun 17, 2026

Namo City project

Namo Cities: नमो सिटी(AI Image-ChatGpt)

Namo Cities Project: दिल्ली पर आबादी के दबाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चार नए शहर (ग्रीनफील्ड) विकसित किए जाएंगे। नमो सिटी के नाम से विकसित होने वाले ये चार नए अत्याधुनिक शहर एनसीआर में आने वाले चार राज्यों, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में बनेंगे। रीजनल रैपिड ट्रांस्पोर्ट सिस्टर (आरआरटीएस) कॉरिडोर के पास इन राज्यों में एक-एक शहर बनेगा। केंद्र सरकार पांच साल में इन शहरों के विकास के लिए 5000 करोड़ रुपए की सहायता देगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में मंगलवार को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में रीजनल प्लान-2041 के मसौदे पर चर्चा की गई। नमो सिटी के लिए राजस्थान में अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली- बहरोड़ जिलों में जमीन तलाशी जाएगी। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा शामिल हुए।

इसलिए कहलाएंगे नमो सिटी


प्रस्तावित नए शहर आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के नमो भारत ट्रेन ट्रैक के साथ बसाए जाएंगे। इसलिए इन्हें नमो सिटी कहा जाएगा। प्लानिंग बोर्ड ऐसे 8 शहर बसाना चाहता है और टोक्यो की तर्ज दिल्ली का विकास करना चाहता है। पहले चरण में चार शहरों की मंजूरी दी गई है।

यह सुविधाएं होंगी नए शहरों में, नहीं बदलेगा एनसीआर क्षेत्र


बैठक में तय किया गया कि एनसीआर के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं होगा और वर्तमान सीमा बरकरार रहेगी। रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार व हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उप-समिति (सब-कमेटी) 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सौंपेगी। वहीं एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण के लिए इसे तीन जोन में बांटा जाएगा। अरावली मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगे कार्रवाई होगी।

ऐसे होंगे नमो सिटी

  • प्रारम्भिक तौर पर दो से तीन लाख की आबादी के लिए सुविधाएं
  • आधुनिक परिवहन, कचरा निस्तारण व स्वच्छ पेयजल सुविधाएं
  • पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र
  • गिफ्ट सिटी की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर
  • दिल्ली से हेलि टैक्सी की सुविधा, एक घंटे का रेल व दो घंटे का सड़क मार्ग
  • विद्यार्थियों, श्रमिकों व पेशेवरों के लिए विशेष आवासीय सुविधाएं

तीन में से एक शहर को चुना जाएगा


दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारें तीन-तीन संभावित लोकेशन के प्रस्ताव देंगी। इन प्रस्तावों में से प्रतिस्पर्धा के तौर पर प्राथमिकता से अच्छी प्लानिंग वाली एक-एक जगह चुनी जाएगी। दिल्ली के मामले में एक सब-सिटी विकसित की जाएगी।

राजस्थान में नमो भारत का प्रस्तावित रूट


दिल्ली के सराय कालेखां से अलवर को जोड़ने वाली यह नमो भारत रैपिड रेल कुल 164 किलोमीटर लम्बे ट्रैक पर बनेगी जिसके बाइस स्टेशन होंगे। इसका पहला फेज सराय काले खां से धारूहेडा होते हुए बावल तक होगा। दूसरे चरण में बहरोड़ एसएनबी और तीसरे व चौथे चरण में सोतानाला व अलवर को जोड़ा जाएगा।