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Monsoon In India: कई राज्यों से मानसून अभी दूर, पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम

Monsoon: उत्तर-पश्चिम भारत में 18 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।
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भारत

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Anurag Animesh

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Updated: 17 Jun 2026, 10:42 AM IST

Monsoon

Monsoon In India(AI Image-ChatGpt)

Monsoon In India Date: उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से 18 से 22 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।

इन जगहों पर आंधी तूफान और बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। वहीं मैदानी इलाकों में भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 17 से 22 जून के दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

महाराष्ट्र में 8 दिनों से ठहरा मानसून

इधर, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार इस बार असामान्य मौसमीय परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जमीन से लगभग 15 किलोमीटर ऊपर बह रही जेट स्ट्रीम हवाओं के असामान्य पैटर्न ने मानसून की प्रगति को धीमा कर दिया है। यही वजह है कि महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में मानसून पिछले आठ दिनों से लगभग ठहर सा गया है।

मानसून की धीमी गति का असर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में साफ दिखाई दे रहा है। इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षा से कम रही हैं, जिससे कई इलाकों में गर्मी फिर से बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर शाखा 8 जून से आगे नहीं बढ़ पाई है। इसके कारण अंदरूनी क्षेत्रों तक नमी पहुंचाने वाली हवाओं को पर्याप्त दबाव नहीं मिल रहा है।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?


हालांकि मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाले चार से पांच दिनों में जेट स्ट्रीम का यह असामान्य पैटर्न कमजोर पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में मानसून दोबारा सक्रिय होकर आगे बढ़ सकता है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहने पर अगले सप्ताह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी मानसून की एंट्री हो सकती है। इसके अलावा तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य हिस्सों में भी अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। फिलहाल देशभर के किसान और आम लोग मानसून की रफ्तार बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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