
नितिन नवीन की नई टीम का जल्द ही ऐलान हो सकता है (Photo-IANS)
Nitin Nabin BJP Team: देश में अगले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। इसी बीच बीजेपी में राष्ट्रीय स्तर पर बड़े फेरबदल की भी अटकलें तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि नितिन नवीन की नई टीम का कभी भी ऐलान हो सकता है। वहीं इस टीम में उन राज्यों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिनमें आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी के जी-7 शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा मोदी मंत्रिमंडल में भी बदलाव की चर्चाएं चल रही है।
नितिन नवीन की नई टीम में 11 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 6 राष्ट्रीय महासचिव शामिल होंगे। पार्टी नेतृत्व सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रहा है। नई टीम में महिलाओं, विभिन्न जातीय समूहों, युवाओं और अनुभवी नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है।
नितिन नवीन की नई टीम में उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। दरअसल, इन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में इन राज्यों के नेताओं को शामिल कर चुनाव से पहले बीजेपी एक बड़ी रणनीति तैयार करने वाली है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नेताओ को भी संगठन में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इन तीनों राज्यों में 2028 में विधानसभा चुनाव होने है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रक्षा मंत्र राजनाथ सिंह के आवास पर बीजेपी और आरएसएस के नेताओं की करीब चार घंटे तक बैठक हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, आरएसएस के वरिष्ठ नेता अरुण कुमार और शिव प्रकाश भी मौजूद थे। यह बैठक देर रात तक चली, जिसमें संगठनात्मक फेरबदल समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में बदलाव के साथ-साथ राज्यपालों की नियुक्तियों और केंद्र सरकार में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जा सकते हैं।
बता दें कि हाल के दिनों में बीजेपी ने अपने संगठनात्मक स्तर पर कुछ बदलाव भी किए हैं। राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और तरुण चुघ को राज्य सभा भेजा गया है। वहीं राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर और राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया को भी राज्य सभा भेजा है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को राज्यपाल, बोर्ड, आयोग या अन्य अर्ध-सरकारी संस्थाओं में जिम्मेदारी देकर सम्मानित किया जा सकता है। वहीं नई टीम में जगह नहीं पाने वाले कुछ नेताओं को राज्य सभा के जरिए समायोजित किए जाने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश से राज्य सभा की करीब एक दर्जन सीटों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है। ऐसे में चुनावी राज्यों के कई वरिष्ठ नेताओं को उच्च सदन में भेजकर संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है।
Published on:
17 Jun 2026 07:13 am
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