
शहडोल. एक साल से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक पटवारी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। घटना मंगलवार की सुबह की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार शहडोल के धुरवार के नजदीक रहने वाले नर्मदा बैगा अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ ब्लॉक में पटवारी के पद पर पदस्थ थे। जिनका पिछले एक साल से अधिक समय से वेतन नहीं दिया गया था। पटवारी नर्मदा काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और धुरवार में गांव में आकर परिवार के साथ रह रहे थे। मंगलवार की सुबह जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उनकी मौत हो गई। पत्नी ने आरोप लगाया है कि पिछले एक साल से ज्यादा समय से वेतन नहीं दिया जा रहा था। बताया गया कि अनूपपुर के एक बाबू द्वारा वेतन रोक दिया गया था। इसके चलते मानसिक तौर पर भी परेशान रहते थे। बताया गया कि कुछ साल पहले पटवारी नर्मदा के बेटे का देहांत हो गया था, जिससे दो माह बाद कार्यालय जाने पर वेतन रोक दिया गया था। इसके बाद से नर्मदा वापस धुरवार गांव आकर रहने लगे थे। देर शाम तक आत्महत्या से जुड़े कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, पुलिस जांच कर रही है। तहसीलदार पंकज नयन तिवारी के अनुसार बिना सूचना के अब भी 5-6 पटवारी गायब है, जिन्हें नोटिस लगातार जारी की जा रही है। नर्मदा प्रसाद बैगा को भी कई नोटिस जारी किए गए थे। पुष्पराजगढ़ विकासखंड के आराजी खम्रौध हल्का पटवारी कुम्हनी में पदस्थ नर्मदा प्रसाद बैगा पिता बुद्धसेन बैगा निवासी रायपुर , धुरवार तहसील सोहागपुर शहडोल वर्ष 2015 से निलम्बित था। निलम्बन का कारण बिना सूचना विभागीय कार्यालय से लगातार अनुपस्थित रहना बताया जाता है। अधिकारियों के अनुसार 1 जुलाई 2017 से अबतक लगातार अनुपस्थित रहा, जिसपर 28 अक्टूबर 2017 को कारण बताओं नोटिस जारी किए गए थे।
इनका कहना है
सोहगापुर टीआई राजेश चंन्द्र मिश्रा के मुताबिक परिजनों का बयान दर्ज किया गया है। हाल ही में बेटे का देहांत हुआ था और वेतन नहीं दिया जा रहा था। जिससे पटवारी मानसिक तौर पर परेशान था। पुलिस मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच कर रही है।