
शहडोल- अभी हाल ही में साउथ अफ्रीका से लौटीं टीम इंडिया की क्रिकेटर पूजा वस्त्रकार ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान पूजा ने कहा कि फॉरेन कन्ट्री में जाकर खेलना एक सुखद पल था। ज्यादा प्रेशर नहीं था मैने पहले ही मन बना लिया था कि अपना नेचुरल गेम खेलूंगी सीनियर्स का भी पूरा सपोर्ट मिल रहा था। वैसे भी फास्ट बॉलर्स के लिए साउथ आफ्रीका, आस्टे्रलिया, इंग्लैण्ड जैसे देशों के पिच से अच्छी मदद मिलती है। इस डेब्यू का आगे मुझे एडवांटेज मिलेगा।
पूजा वस्त्रकार ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि मैंने अपनी सोच से इस मुकाम को हासिल किया है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में खेलने का मैंने सपना देखा था तभी तो इसे पूरा कर पाई हूं। छ: वर्ष से लगातार इसी दिन के लिए मेहनत कर रही थी अब कहीं जाकर सफलता मिली है। पहली बार इंडिया टीम की जर्सी पहनने के बाद जो फीलिंग हुई उससे अच्छा कुछ मेरे लिए हो ही नहीं सकता है।
कोच आशुतोष श्रीवास्तव के बारे में पूजा ने कहा कि उन्होंने बहुत मेहनत की है। हर पल वह कुछ न कुछ सिखाते ही रहते थे। नई बॉल कैसे फेंकनी है, किस पिच में किस तरह से बॉल करना ज्यादा सार्थक होगा इन सब पर वह हमेशा ध्यान केन्द्रित करने का प्रयास करते थे। आज उनके ही बताए रास्ते पर चलकर मैने इस मुकाम को हासिल किया है। इस दौरान एसडीसीए सेके्रटरी अजय द्विवेदी, पूजा के पिता बंधनराम वस्त्रकार, मोनी श्रीवास्तव, एसडीसीए के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
खलती है ग्राउंड की कमी
पत्रकारों से चर्चा के दौरान पूजा ने जहां बचपन से लेकर अभी तक अपने सफर की कहानी बयां की, वहीं जिले के अन्य खिलाडिय़ों के लिए एक ग्राउण्ड की आवश्यकता की बात कही। पूजा ने कहा कि एसडीसीए का एक स्वयं का ग्राउण्ड हो तो वहां बेहतर तैयारी की जा सकती है। इससे जिले से और भी खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मैच के लिए तैयार किए जा सकते हैं।
ज्ञानोदय विद्यालय में हुआ सम्मान
पूजा की शिक्षा दीक्षा नगर में संचालित ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई। अब पूजा की इस सफलता ने पूरे विद्यालय परिवार को गौरवान्वित कर दिया। अपने पूर्व छात्र की इस सफलता से ओत-प्रोत ज्ञानोदय विद्यालय प्रबंधन द्वारा गुरुवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जहां पूजा वस्त्रकारा का भव्य स्वागत किया गया। साथ ही विद्यालय संचालक अजय सिंह व विद्यालय के अन्य स्टाफ तो मूमेन्टो से पूजा का सम्मान किया। इस अवसर पर पूजा के पिता बंधन राम वस्त्रकार, बड़ी बहन आशा वस्त्रकार, निशा वस्त्रकार के साथ विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिका मौजूद रहे।