
शहडोल. उपभोक्ताओं से गैस होम डिलेवरी और गलत तरीके से पैसा वसूलने के मामले में खाद्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर के निर्देश पर आपूर्ति नियंत्रक ने नर्मदा गैस एजेंसी एचपी कंपनी ऑयल के प्रोपराइटर दिगंबर सिंह और मैनेजर को नोटिस दिया है। इसमें कहा है कि क्यों न गैस एजेन्सी निलंबित और निरस्त किए जाने के लिए ऑयल कम्पनी को पत्र लिखा जाए। इसके अलावा उपभोक्ताओं से वसूली गई अधिक राशि शासन पक्ष को जमा कराई जाए। संचालक व प्रबंधक के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही की जाए। समय पर नोटिस का जवाब न मिलने पर एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी। 2 फरवरी को नर्मदा गैस एजेन्सी और भण्डारण स्थल पर जांच की गई।
यहां पर उपभोक्ताओं के बयान में सामने आया था कि महंगे दाम पर होम डिलेवरी चार्ज जोड़कर पैसा वसूला जा रहा है। इसके अलावा मौके पर गैस और होम डिलेवरी के लिए एक ही रसीद दी जा रही है। जिसमें उपभोक्ता से अधिक पैसा लेना पाया गया। गोदाम कीपर ने गोदाम से प्रदाय दर से 1 रुपए प्रति रिफिल अधिक लेना स्वीकार किया है। उपभोक्ताओं के कथन अनुसार 1 से 6 रुपए प्रति सिलेंडर तक गोदाम से अधिक राशि वसूल की गई। गोदाम कीपर द्वारा बताया कि एक दिन में 100 से 150 रिफिल गोदाम से जाते हैं। इस प्रकार एक माह में लगभग 3000 रिफिल गोदाम से प्रदाय कर 3000 रुपए एक माह में एवं वर्ष में 36000 रिफिल उपभोक्ताओं से अधिक वसूल किए गए हैं। दिगम्बर सिंह प्रोपराईटर नर्मदा गैस एचपी द्वारा प्रति माह लगभग 3000 उपभोक्ताओं से 3000 रुपये यानि एक साल में 36000 रुपये अधिक राशि गैस की वसूल की गई है।
प्रमाणित नहीं था कांटा
गोदाम पर जांच दौरान पाया गया है कि डिजिटल तौल-कांटा उपलब्ध नहीं है जो कांटा उपलब्ध है वह प्रमाणित नहीं है। इसके अलावा भी कई खामियां एजेंसी में मिली हैं।
इनका कहना है
आपूर्ति नियंत्रक जेएल चैहान ने कहा गैस एजेंसी ने गलत तरीके से उपभोक्ताओं से एक साल में ३६ हजार रुपए वसूला है। इसके अलावा भी कई खामियां मिली है। जांच के बाद अब जबाव मांगा है। समय पर जबाव न आने पर एक पक्षीय कार्रवाई होगी।