
शहडोल- बीजेपी के ये नेता अपनी पार्टी से नाराज चल रहे हैं, और इसीलिए अब कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, अपनी ही सरकार और पार्टी से नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष अब भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाएंगे। पार्टी और सरकार की उपेक्षा से नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष नरेन्द्र मरावी ने पत्रिका से कहा कि वे 5 हजार लोगों के साथ 10 अप्रैल को भाजपा छोडऩे का एलान त्रिस्तीय पंचायत राज के संभागीय सम्मेलन में करने वाले थे।
लेकिन जिला प्रशासन ने धारा 144 लगाकर कार्यक्रम की अनुमति निरस्त कर दी। उन्होंने कहा कि 12 मार्च को सम्मेलन करने की अनुमति मिली थी, लेकिन निरस्त कर दी गई, जबकि यह सम्मेलन था कोई आन्दोलन और धरना नहीं। जिस पार्टी की सरकार है, उसी पार्टी में उपेक्षा और आम जन मानस का काम न करा पाना ऐसे में भाजपा और सरकार में रहने का कोई मतलब नहीं, जब ग्रामीणों की समस्या का निदान ही नहीं करा पाएं तो भाजपा में रहने का क्या औचित्य। प्रशासन द्वारा मनमानी की जा रही है।
सरकारी आयोजनों में उनकी उपेक्षा की जाती है, जिससे व्यथित हैं। संभाग में 728 पंचायतें हैं, जिनका सम्मेलन होना था, लेकिन कलेक्टर ने धारा 144 बताकर अनुमति निरस्त कर दी। उन्होने कहा कि हम जिला पंचायत वाले तो ऐसे भी विकलांग हैं, सरकार में रहकर जनता की सेवा नहीं कर पाए तो ऐसी सरकार में रहने का कोई मतलब नहीं इससे अच्छा विपक्ष में रहकर जनता की सेवा करें।
निरस्त हो गया पंचायत सम्मेलन
10 अप्रैल को नगर के पॉलीटेक्निक मैदान में आयोजित होने वाला संभागीय त्रिस्तरीय पंचायत सम्मेलन निरस्त हो गया है। सम्मेलन के लिए तीन दिनों से जोरशोर के साथ तैयारियां की जा रहीं थी कि इसी दौरान धारा 144 लगने के बाद 12 मार्च को सम्मेलन के लिए ली गई अनुमति कलेक्टर ने निरस्त कर दी, और निराश पंचायत प्रतिनिधियों ने पंडाल और टेंट समेटना शुरू कर दिया है। सम्मेलन में अनूपपुर, उमरिया और शहडोल जिले के 728 ग्राम पंचायत के सरपंच और उपसरपंच सहित पंच और जनपद, जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों को शामिल होना था।