कूनो में रचे-बसे बोत्सवाना के चीते, नई कहानी लिखने को तैयार, 28 फरवरी 2026 को कूनो लाए गए थे चीते
Cheetah in Kuno big Update: कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के चैप्टर-4 के तहत बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो की आबोहवा रास आ रही है। वे यहां नए परिवेश में ढलते नजर आ रहे हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार 30 दिन की तय क्वारंटीन अवधि में से लगभग 80 फीसदी (तीन हफ्ते से ज्यादा) अवधि पूरी कर चुके हैं। इसी को लेकर पार्क प्रबंधन ने सोमवार को सफलता की कहानी का न्यूज लेटर जारी किया।
न्यूज लेटर में बोत्सवाना के चीतों की सफल शिफ्टिंग और उनके कूनो में बेहतर तरीके से सर्वाइव करने की बात कही गई है। साथ ही लिखा है कि ये चीते अब नई कहानी लिखेंगे। चीतों को 30 मार्च के बाद ही खुले जंगल में छोड़ा जा सकता है। इसका निर्णय चीता स्टीयरिंग कमेटी करेगी। बैठक में तय होगा कि कितने चीते छोड़े जाएंगे या बाड़ों में ही रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि कूनो से कुछ और चीते मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य शिफ्ट किए जा सकते हैं। साथ ही चीतों के तीसरे घर के रूप में तैयार हो रहे नौरादेही अभयारण्य में भी शिफ्टिंग का ह्रश्वलान है।
न्यूज लेटर के अनुसार बोत्सवाना के चीतों ने पहले चरण में जरूरी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कूनो अब नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना के चीतों का मेजबान है। इससे अद्वितीय और विविध आनुवंशिक मिश्रण बनता है, जो बेजोड़ है। ये चीते महज आगंतुक नहीं, बल्कि अब एक बढ़ती हुई कहानी का हिस्सा हैं। यह कहानी योजना, धैर्य, टीमवर्क और विश्वास की है…।
-28 फरवरी को लाए गए थे
-06 मादा
-03 नर चीते
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल के अनुसार सभी नौ चीते स्वस्थ हैं। अभी उनकी 30 दिन की क्वारंटीन अवधि चल रही है। तीन सप्ताह से अधिक का समय सफलतापूर्वक पार कर लिया है। उनके स्वास्थ्य पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।