स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा दिन और रात के तापमान का अंतर
श्योपुर । हवा के बदलते रुख से मौसम का मिजाज बदल रहा है। दिन और रात के तापमान में करीब 12 डिग्री सेल्सियम का अंतर बना हुआ है। तापमान का यह अंतर लोगों को न सिर्फ बीमार कर रहा है,बल्कि पहले से बीमार और बीपी से पीडि़त लोगों में अस्थमेटिक,हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान में 12 डिग्री का उतार चढ़ाव शरीर पर प्रभाव डालता है। दिन में तापमान ज्यादा रहता है। जबकि रात में बेहद कम। तापमान के यह उतार चढ़ाव की स्थिति खतरनाक है। क्योंकि जितनी तेजी से तापमान में उतार चढ़ाव हो रहा है,उसके अनुसार लोगों की बॉडी एडजस्ट नहीं हो पा रही है। जिसकारण लोग सर्दी,जुकाम, सिर में जकडऩ से लेकर एलर्जी का शिकार हो रहे है। ऐसे में जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
ये बढ़े मरीज
सर्दी,जुकाम, खांसी, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश, सिर में जकडऩ, आंख लाल होना, एलर्जी, अस्थमेटिक अटैक, ब्लड प्रेशर बढऩा,सीने में दर्द,लकवा, हार्टअटैक।
यह बदलाव पड़ता है भारी
ठंड के मौसम में तापमान के बार-बार बदलने से नसे सिकुड जाती है। बीपी की समस्या होती है। हृ्दय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह कम होने में दिल पर जोर पड़ता है। खून का गाढ़ापन बढ़ जाता है। खून की नसों के असामान्य व्यवहार के कारण ब्रेन और हार्ट स्ट्रोक हो सकता है।
ये बरते सावधानियां
-तापमान के तेजी से बदलने के बीच ठंड से बचे।
-ठंडे पानी से नहीं नहाएं,स्वीमिंग भी नहीं करें।
-सुबह तापमान सामान्य होने के बाद कसरत करें।
-बिस्तर से उठने के बाद गर्म कपड़े पहने बिना मूव न करें।
-बीपी की शिकायत वाले मरीज लगातार जांच कराए।
दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर होने पर शरीर को एडजस्ट होने में समय लगता है। इसलिए जिला अस्पताल में आने वाले मरीजो को इलाज की उपलब्धता कराने के साथ-साथ सर्दी से बचाव की समझाइश भी दी जा रही है।
डॉ आरबी गोयल, सिविल सर्जन,श्योपुर
पांच दिन का तापमान एक नजर में
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
15 जनवरी 19.4 6.0
16 जनवरी 21.6 6.4
17 जनवरी 21.6 6.4
18 जनवरी 22.0 9.0
19 जनवरी 24.08.0