MP news: सीने में जलन और घबराहट के कारण परेशान पिता-पुत्र ने ठंडक के लिए रात में तरबूज (Watermelon) खाया जिसके बाद उनकी और भी ज्यादा खराब हो गई। पिता की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
MP news: मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के बाद अब मध्य प्रदेश में तरबूज (Watermelon) खाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वहीं, मृतक का बेटा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहा है। है। श्योपुर जिले में शुक्रवार को ये मामला सामने आया जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, श्योपुर शहर में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास किराए के घर में र (आगर-मालवा) के निवासी इंद्रसिंह परमार (43) और उनका बेटा विनोद (21) रहते थे। इंद्र ड्राइवरी का काम करते थे। गुरूवार रात रात का भोजन करने के बाद इंद्र और विनोद को सीने में जलन और घबराहट होने लगी जिसको नजरअंदाज कर वह सो गए। शुक्रवार को एक बार फिर उनकी तबियत बिगड़ी। उन्होंने सीने में जलन महसूस होने लगी। पिता-पुत्र को लगा कि यह गर्मी के कारण हो रहा है इसलिए उन्होंने ठंडक पाने के लिए तरबूज खाया। तरबूज खाने के बाद दोनों की तबियत अचानक और भी खराब होने लगी। दोनों को उल्टी, एंग्जायटी और तेज बेचैनी होने लगी।
पिता-पुत्र हालत खराब होते देख परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को कोटा रेफर कर दिया। इस दौरान इंद्रसिंह की हालत लगातार खराब हो रही थी। परिजन दोनों को कोटा लेकर निकले लेकिन रास्ते में ही इंद्रसिंह की मौत हो गई। वहीं, बेटे विनोद का इलाज कोटा के अस्पताल में चल रहा है जहां उसकी स्थित अभी गंभीर है।
डॉक्टरों ने शुरूआती जांच करने के बाद तरबूज खाने से तबियत बिगड़ने की संभावना से इंकार किया है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि फूड पॉइजनिंग या कोई अन्य संक्रमण के चलते तबियत बिगड़ी है। बता दें कि, मृतक अपने पीछे पत्नी संगीता और तीन बेटों विनोद, राजा और देवा को छोड़ गए हैं। परिवार की एक अन्य सदस्य राधिका भी श्योपुर में उनके साथ रहती थीं। घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदारों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन शव लेने के लिए कोटा रवाना हो गए हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि, मुंबई में तरबूज खाने की वजह से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले ने हड़कंप मचा दिया था। डोकाडिया परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत हो गई जहां ‘जिंक फॉस्फाइड’ (Zinc Phosphide) नामक जहरीले पदार्थ से हुई, जो आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल होता है।