स्कूलों में बढ़ते हादसों को रोकने स्कूली शिक्षा विभाग ने बनाया प्लान,जारी किए निर्देश
श्योपुर । स्कूलों में बढ़ते हादसों को रोकने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग ने प्लान तैयार कर लिया है और नए प्लान की गाइड लाइन स्कूलों के लिए जारी करते हुए इसका पालन कराए जाने के लिए कहा है। बताया गया है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के द्वारा शालाओं को सुरक्षा एवं सुरक्षित वातावरण के संबंध में ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। इसमें भवन परिसर, प्रवेश एवं आसपास अधोसंरचना सुदृढ एवं सुरक्षित रहने पर जोर दिया है। प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में सभी कलक्टर और जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर इसका पालन सुनिश्चित कराए जाने के लिए कहा गया है। स्कूली शिक्षा विभाग के द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि शाला भवन तीन मंजिल से अधिक का नहीं होगा। वहीं नर्सरी एवं प्राथमिक स्तर की कक्षाएं भू-तल पर लगानी होगी।
किचन शेड रखना होगा दूर
शाला भवन से किचन शेड को दूर बनाना होगा। किचन की नियमित सफाई, दरवाजे पर मच्छर रोधी जाली आवश्यक होगी। क्लासरुम में नियमित अंतराल में पुताई करानी होगी। खिड़कियों के कांच टूटे फूटे नहीं होगे। स्कूल की बाउंड्रीवाल फेसिंग से सुरक्षित रहनी चाहिए।
विद्युत संबंधी हुई घटना तो जिम्मेदार होगे प्राचार्य
स्कूल में यदि कोई बिजली संबंधी हादसा घटित होता है तो इसके लिए पूर्ण जिम्मेदार स्कूल के प्रधान अध्यापक एवं प्राचार्य होगे। स्कूलों में लगे वृक्ष की डगाल एलटी लाइन से टच होने से बचाने के लिए समय-समय पर कांट-छांट करानी होगी। स्कूल में पानी की सुरक्षित और पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी। पेयजल स्त्रोत शौचालय की 10 मीटर की दूरी से कम नहीं होना चाहिए। पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराई जानी होगी। इसी तरह छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय होना आवश्यक होगा।
ये जिम्मेदारी भी तय
-सामाजिक सुरक्षा के लिए समन्वय बनाकर काम करना।
-शिक्षकों का बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार।
-प्राचार्य और हेड सुरक्षा व्यवस्था जांचेगे।
-शिक्षकों की समय समय पर ट्रेनिंग दी जाए।
-अभिभावकों के साथ लगातार संपर्क में रहना।