साथ बैठे अफसर : बैठक में कलक्टर बोले-अधिकारी समन्वय के साथ भूमि अधिगण के प्रकरणों का निराकरण करें
श्योपुर । ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए जिले में जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही गुरुवार को एक कदम आगे बढ़ी, जब कलक्टर बसंत कुर्रे की अध्यक्षता में राजस्व विभाग और रेलवे के अफसरों की मीटिंग हुई और जमीन अधिग्रहण को लेकर मंथन हुआ। बैठक में राजस्व और रेलवे के अफसरों ने समन्वय के साथ भूमि अधिग्रहण के प्रकराों का निराकरण करने का निर्णय लिया।
कलक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारी और रेलवे के इंजीनियर संयुक्त रूप से बड़ी रेलवे लाइन बिछाने की दिशा में फाइलों का निराकरण निर्धारित अवधि में करना सुनिश्चित करें, जिससे भूमि अधिग्रहण के अंतर्गत श्योपुर जिले की तहसील श्योपुर, कराहल एवं वीरपुर के क्षेत्र के 47 गावों में विभिन्न प्रकार की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाकर भू-अर्जन की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित की जा सके। साथ ही भूमि अधिग्रहण के बाद रेलवे के माध्यम से मुआवजा देने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि रेल लाइन बिछने के लिए नक्शों का मिलान किया जाए, इस कार्य में राजस्व अधिकारी और रेलवे के इंजीनियर तत्परता दिखाएं।
रेलवे द्वारा दिया जाएगा मुआवजा
रेलवे के सीनियर इंजीनियर चतुर्वेदी ने बताया कि वेस्टर्न रेलवे को जोडऩे की दिशा में श्योपुर जिले की तहसील श्योपुर, कराहल, वीरपुर के क्षेत्र में आने वाले गावों का रूट निर्धारित कर दिया गया हैं। साथ ही भूमि अधिग्रहण के बाद बड़ी रेल लाइन इलेक्ट्रिफिकेशन सहित डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बाद ऐसे किसान जिनकी निजी भूमि रेल लाइन बिछाने के बाद उनको मुआवजा रेलवे द्वारा दिया जाएगा। जिसका अवार्ड कलेक्टर जिला श्योपुर द्वारा पारित किया जाएगा।
तीनों तहसीलों में अलग-अलग तिथियों में होगी बैठक
अपर कलक्टर राजेन्द्र राय ने बताया कि प्रोजेक्ट लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारी के माध्यम से भूमि अधिग्रहण करने की दिशा में वीरपुर तहसील पर 30 जनवरी से 2 फरवरी तक, श्योपुर तहसील में 6 फरवरी से 10 फरवरी तक तथा कराहल तहसील के क्षेत्र में 28 एवं 29 फरवरी को राजस्व अधिकारी-कर्मचारी तथा रेलवे के इंजीनियर संयुक्त रूप से बैठक कर प्रकरणों को अंतिम रूप प्रदान करेंगे।