पुरानी अनाज मंडी पर मची कब्जों की होड़चूने की लाइन डालकर व लोहे की जालियां लगाकर किया कब्जामंडी सचिव ने हटवाईं जालियां, एफआईआर कराने की दी चेतावनी
पुरानी अनाज मंडी पर मची कब्जों की होड़
चूने की लाइन डालकर व लोहे की जालियां लगाकर किया कब्जा
मंडी सचिव ने हटवाईं जालियां, एफआईआर कराने की दी चेतावनी
शिवपुरी। शिवपुरी शहर के बीचोंबीच स्थित खाली पड़ी पुरानी अनाज मंडी में रविवार की सुबह एकाएक सब्जी के थोक व्यापारियों एवं आढ़तियों ने चूने की लाइन डालकर व लोहे की जालियां लगाकर कब्जा कर लिया। मंडी की जमीन पर कब्जे की सूचना पर पहुंचे मंडी सचिव ने न केवल वो जालियां हटवाईं, बल्कि कब्जे का प्रयास करने वालों पर एफआईआर कराने की चेतावनी भी दी।
पिपरसमा में शिवपुरी की नई अनाज मंडी बनने के बाद गांधी पार्क के पास स्थित पुरानी अनाज मंडी अब खाली हो गई। मंडी का बड़ा एरिया खाली होने की वजह से उस पर पड़ौस में ही थोक सब्जी मंडी पर कब्जा कर चुके सब्जी कारोबारियों की नजर है। आज सुबह किसी ने यह अफवाह उड़ा दी कि मंडी में अपनी-अपनी जगह घेर लो, फिर वो जगह उसी कब्जेधारी को मिल जाएगी। इस अफवाह के चलते आसपास के ही थोक कारोबारियों ने अपनी लेवर लगाकर न केवल मंडी के फर्श पर चूने की लाइन डालकर उसमें अपने नाम के अंग्रेजी अक्षर लिखवा दिए, बल्कि कुछ कब्जेधारियों ने तो बिना देर किए लोहे की जालियां भी लगवा दीं।
सूचना मिलते ही पहुंचे मंडी सचिव
पुरानी अनाज मंडी की जमीन पर कब्जा किए जाने की सूचना मिलने पर सुबह लगभग 10 बजे मंडी सचिव विश्वनाथ प्रताप सिंह अपने दलबल के साथ पहुंच गए। जब सचिव पहुंचे तो मंडी के फर्श पर सफेद लाइनें खिंची होने के साथ ही वहां पर लोहे की जालियां लगी हुईं थीं। सचिव ने जब कब्जा करने वालों को हडक़ाया तो जाली लगाने वाला भी गायब हो गया। सचिव ने कहा कि यदि कब्जा करने का प्रयास किया तो हम एफआईआर करवा देंगे।
सचिव बोले: नापतौल तो दूसरे काम की वजह से की
मंडी में 20 वाई 30 का एक प्लॉट का टेंडर किया जाना है, उसकी नापतौल की गई थी। इसी बीच किसी ने अफवाह उड़ा दी और यहां पर कब्जे होना शुरू हो गए। हमने उन्हें हटवा दिया है तथा ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कहा है।
विश्वनाथ प्रताप सिंह, मंडी सचिव शिवपुरी
लंबे समय से खाली पड़ी है मंडी
पुरानी अनाज मंडी बीते दो साल से खाली पड़ी है, क्योंकि शिवपुरी की नई अनाज मंडी पिपरसमा में बन गई है। इस खाली पड़ी मंडी में पहले हॉकर्स जोन बनाने की तैयारी थी और उसकी लाइनिंग आदि भी डाल दी गई थीं। ठेले वालों से मंडी की जमीन में प्लॉट के लिए फार्म भी भरवाए गए थे, लेकिन बाद में वो योजना भी फ्लॉप हो गई थी।