नगरीय प्रशासन विभाग के चीफ इंजीनियर ने ली अधिकारियों की बैठक
सीधी. शहर को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शुरू हो गई। शुक्रवार को नगरीय प्रशसन विभाग के चीफ इंजीनियर प्रभाकांत कटारे स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी रूपरेखा पर चर्चा की। आमजन से सुझाव भी मांगे। इसके बाद प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को भेजने को कहा। नपा अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहले शहर की सड़कों को अतिक्रमणमुक्त कर पार्किंग स्थल तय करें। ताकि, आवागमन व्यवस्था में सुधार हो सके। इसके बाद अन्य कार्यों के लिए डीपीआर तैयार कराएं। बैठक में डॉ. राजेश मिश्रा व पुष्पराज सिंह ने बताया, गांधी चौक में सर्वाधिक समस्या होती है। यहां जर्जर हो चुका पुराना छात्रावास व आवासीय भवन गिराकर पार्किंग सुविधा मुहैया कराई जा सकती है। यातायात थाना के सामने स्थित शासकीय भूमि पर भी पार्किंग स्थल बनाया जा सकता है।
ये कार्य प्रस्तावित
सीधी को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर पालिका ने जो कार्ययोजना तैयार की है। उसके अनुसार, गोपालदास बांध सौंदर्यीकरण, सहबोट क्लब, अमहा तालाब सौंदर्यीकरण सह स्वीमिंग पुल, मधुरी तालाब, मूड़ी तालाब सौंदर्यीकरण, मेघदूत पार्क का उन्ययन। रीवा-सिंगरौली मुख्य मार्ग से फत्ते सिंह मार्ग शीतलदास मंदिर , सर्वोदय चौराहे तक सड़क निर्माण, नवीन बस स्टैंड में जरूरी सुविधाएं व व्यावसायिक दुकान निर्माण, यात्री प्रतिक्षालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, जोरौधा में नवीन बस स्टैंड का निर्माण, वीथिका भवन का उन्नयन विकास कार्य, मानस भवन का उन्नयन विकास कार्य सहित कार्य शामिल किए गए हैं।
नाला सौंदर्यीकरण व सड़क निर्माण पर जोर
मिनी स्मार्ट सिटी के लिए जनप्रतिनिधियों व शहरवासियों ने सूखा नाला के सौंदर्यीकरण पर जोर दिया। कहा, इसके दोनों किनारे पर पीसीसी सड़क व चौपाटी बनाकर पुटपाथी दुकानदारों को जगह उपलब्ध कराई जाए। इससे जहां शहर को वाहनों के भारी दवाब व जाम से निजात मिलेगी, वहीं आमजन को मनोरंजन का स्थल मिल जाएगा।
एवरेज बिलिंग से लग रही चपत
चीफ इंजीनियर ने शहर में एलइडी लाइटिंग बनाने पर जोर दिया। इस पर नपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया, शहर में करीब 90 फीसदी एलइडी लाइट लगाई जा चुकी हैं, लेकिन विद्युत कंपनी एवरेज बिङ्क्षलग करती है। हमें खपत से ज्यादा बिल चुकाना पड़ रहा है। इस पर उन्होंने जल्द मीटर लगाने के निर्देश दिए।