
विनोद सिंह चौहान
सीकर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बेहद नासाज है। वे एम्स में उपचाराधीन हैं। पूरा देश उनकी सलामती की दुआएं कर रहा है। इस बीच हम आपको बता रहे हैं उनका शेखावाटी से रहे विशेष जुड़ाव के बारे में। अटल बिहारी वाजपेयी ने देशभर में जाटों का आंदोलन होने पर उन्होंने जाट आरक्षण की घोषणा के लिए भी शेखावाटी की धरती को चुना था। इससे राजस्थान के साथ ही हरियाणा के जाटों का वाजपेयी से गहरा जुड़ाव हो गया।
भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व उपराष्ट्रपति रहे स्व. भैंरो सिंह शेखावत और विधायक घनश्याम तिवाड़ी की वाजपेयी से काफी नजदिकियां थीं। स्व. शेखावत ने अपने एक संस्मरण में कहा भी था कि अटलजी और मैं इतने गहरे दोस्त हैं कि जब भी कोई पीड़ा होती है तो वह मुझे याद करते हैं, मैं भी हर छोटी-बड़ी समस्या में उनके मशवरे के बिना कोई काम नहीं करता।
वाजपेयी ने जनसंघ के दौरान जब देवी लाल ने लोकसभा का चुनाव लड़ा था, उस दौरान सीकर में खुली जीप में जनसम्पर्क कर रामलीला मैदान में आयोजित सभा को संबोधित किया था। उसके बाद वर्ष 1999 में सुभाष महरिया ने सीकर से विधानसभा का चुनाव लड़ा तो वाजपेयी ने मंच से ही जाट आरक्षण की घोषणा की थी। जनसंघ के जुड़े 87 वर्षीय सूरजमल चेजारा का कहना है कि उस दौरान जाटों को आरक्षण की मांग प्रबल हो गई थी और मंच के नीचे बैठे घनश्याम तिवाड़ी और रामदास अग्रवाल ने एक पर्ची भेजी थी। जिसमें आरक्षण देने की बात लिखी थी, उसी समय वाजपेयी ने घोषणा कर दी थी।
करते थे यहां के मंदिरों का जिक्र
खास बात यह भी है कि बीमारी से पहले जब भी कोई व्यक्ति सीकर से मिलने जाता था तो वे खाटू श्यामजी और सालासर के मंदिरों का जिक्र करना नहीं भूलते थे। कई बार तो वे खुद फोन करके श्याम बाबा का प्रसाद मंगवाया करते थे।
सैनी ने किया था जनसंघ में साथ काम
सीकर जिला निवासी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने भी वाजपेयी के साथ जनसंघ के समय काफी काम किया था। शेखावाटी में भाजपा के विस्तार के लिए वाजपेयी ने सैनी को कई बार बुलाया था। इस दौरान उन्होंने सैनी से शेखावाटी की सांस्कृतिक परम्परा, शेखावाटी की राजनीति और अन्य मुद्दों भी किया करते थे।
शेखावाटी के शहीदों की सराहना
वाजपेयी ने करगिल युद्ध के समय भी शेखावाटी के शहीदों की जमकर सराबहना की थी। उन्होंने दिल्ली में सैनिकों के सम्मान में हुए कार्यक्रम के दौरान कहा था कि शेखावाटी में तो हर मां ऐसे वीर को जन्म देती है, जो देश सेवा के साथ आ सके। धन्य हैं शेखावाटी, जहां वीर लाल जन्म लेते हैं।
करगिल युद्ध के समय भी अटल बिहारी बाजपेई ने शेखावाटी की खासी सराहना की शेखावाटी की शेखावाटी के कई सैनिकों ने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देते हुए देश की रक्षा की इस दौरान दिल्ली में हुए कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेई ने यहां के सैनिकों के साथ यहां की माताओं को भी जोत जलाते हुए कहा था कि यहां तो हर माता ऐसा वीर जयंती है देश के ही काम आता है