
साइबर ठग सिंडिकेट का मुख्य सरगना विकास ढाका। फोटो: पत्रिका
सीकर। क्रिप्टो ट्रेडिंग और हवाला के जरिए साइबर ठगी व सट्टे की रकम विदेश भेजने वाले सिंडिकेट का मुख्य सरगना विकास ढाका जयपुर के वैशाली नगर में पकड़ा गया। आराेपी सीकर जिले के बलारां स्थित बासनी गांव का रहने वाला है। आरोपी दो साल में 100 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन कर चुका है। वह गरीबों के दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाता और उनके क्यूआर कोड ठगों व सट्टेबाजों को किराए पर देता था।
इन खातों में रकम आते ही यूएसडीटी सहित अन्य क्रिप्टो करेंसी खरीदकर दुबई के नेटवर्क तक पहुंचा देता था। क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए डिजिटल करेंसी को लिक्विडेट कर ठगी की रकम को व्हाइट मनी में बदलता था। आरोपी हर महीने करीब 2 करोड़ रुपए हवाला के जरिए ट्रांसफर करता था। इस पर 1 एक कमीशन के हिसाब से उसे 2 लाख मिलते थे।
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि स्पेशल टीम ने ट्रेस कर आरोपी विकास ढाका को गिरफ्तार किया। आरोपी विकास ढाका 2018 से 2022 तक दुबई में कंस्ट्रक्शन का काम करता था। इस दौरान उसके हवाला, साइबर ठगी व विदेश रकम भेजने वाले कई सिंडिकेट से संपर्क बने। भारत लौटने के बाद वह पिछले दो साल से सीकर के अलग-अलग इलाकों से यह अवैध नेटवर्क चला रहा था। नेटवर्क का दायरा बढ़ने पर करीब 20 दिन पहले जयपुर के नेमी सागर कॉलोनी में फ्लैट किराए पर लिया था। इस पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के पास से 9 मोबाइल फोन, फिनो पेमेंट्स बैंक के 8 डेबिट कार्ड किट, 9 यूपीआइ खाते और गूगल-पे स्कैनर रोल बरामद किए हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल की जांच करवा रही है। आरोपी के पास से मिले तीन क्रिप्टो वॉलेट में से एक में पिछले दो साल में 24 करोड़ की ट्रेडिंग की पुष्टि हुई है। दो वॉलेट अलग-अलग कंपनियों के हैं। इनकी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री जुटाई जा रही है।
Updated on:
2 Nov 2026, 10:08 AM IST
Published on:
2 Nov 2026, 10:08 AM IST
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