
सीकर.
विभिन्न संगठनों के सहारे संघर्ष समिति ने मंगलवार को सीकर बंद का ऐलान किया है। बंद के निर्णय को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर पहरा शुरू कर दिया है। वहीं जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने शांति बनाए रखने की अपील की है। आवश्यक सेवाओं को बंद से दूर रखा गया है। सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग अधिकार संरक्षण संघर्ष समिति की ओर से सीकर बंद का आह्वान किया गया है। इधर पुलिस ने भी शांति समितियों, व्यापारियों व सीएलजी की बैठक कर बंद के दौरान शांति बनाए रखने का आह्वान किया।
जिला संयोजक सुरेश पारीक व जिला महामंत्री गुलाब सिंह पिपराली ने बताया कि सीकर बंद को अनेक सामाजिक संगठनों व व्यापार मंडलों ने समर्थन दिया है। समर्थन देने वाले संगठनों में विप्र सेना, राजपूत करणी सेना, मूल ओबीसी संघर्ष समिति, माथुर जागृति मंच सहित अनेक संगठनों ने समर्थन दिया। समिति ने यह भी तय किया कि यह बंद स्वैच्छिक व स्वप्रेरित रहेगा। व्यापारी खुद के विवेक के आधार पर बंद रखेंगे। दो अप्रेल को हुए बंद और उसमें हुए जानमाल के नुकसान के विरोध में यह बंद किया जा रहा है।
समीक्षा सुबह
कई जिलों में इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगने के बाद सोमवार रात को जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने बंद को लेकर समीक्षा की। जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे बंद की स्थिति को लेकर चर्चा की जाएगी। स्थिति नियंत्रण में रहने पर इंटरनेट सेवा सुचारू रखी जाएगी। यदि स्थिति असामान्य नजर आई तो सुबह आठ बजे बाद इंटरनेट सेवा एक दिन के लिए बंद कराई जाएगी। वहीं धारा 144 को लेकर भी निर्णय सुबह होगा।
जबरन बंद कराने वालों पर सख्ती
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जबरन बंद कराने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए थानों के एसएचओ व प्रभारियों को दिनभर गश्त के निर्देश जारी किए गए हैं। एतियात के तौर पर कई संवेदनशील जगहों पर पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता भी लगाया गया है। हुड़दंग करने वालों के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज किए जाएंगे।