
मनीष मिश्रा
झुंझुनूं. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में प्रदेश में अव्वल रहने वाले झुंझुनूं जिले ने भ्रूणलिंग जांच के धंधे में लिप्त लोगों को पकड़वाने में प्रदेश में अव्वल रहा है। पीसीपीएनडीटी सेल की ओर से किए गए ऑपरेशनों में झुंझुनूं की महिलाओं ने सर्वाधिक भूमिका निभाई है। चिकित्सा विभाग ने भ्रूणलिंग जांच कार्य करने वालों के खिलाफ अब तक प्रदेश के अलावा अन्य जगहों पर 109 डिकॉय ऑपरेशन कर भ्रूणलिंग जांच कार्य में लगे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग के अधिकारियों की माने तो भ्रूणलिंगजांच में लिप्त लोगों के खिलाफ अकेले झुंझुनूं में अब तक 16 कार्रवाई की जा चुकी है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि अबतक हुए डिकॉय आपरेशनों में झुंझुनूं जिले की 60 महिलाओं ने महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है।
केस- 2झुंझुनूं की बेटी निशा परिवर्तित नाम आठवी तक पढ़ी-लिखी है। घर की आर्थिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी।मुखबिर योजना का पता चलने पर इसमें जुड़ी। सैल की कई कार्रवाई में जुडकऱ आरोपितों को पकड़वाया। इसपर सरकार की ओर से निर्धारित राशि दी।राशि से मकान बनवाने के अलावा बच्चों की पढ़ाई लिखाई शुरू की।
केस- 3चिड़ावा की विवाहिता रीना परिवर्तित नाम सरकार की ओर से चलाए अभियान से प्रभावित थी।विवाहिता नेभ्रूणलिंग जांच के लिए कुख्यात रवि सिंह को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई।आठ माह की गर्भवती होने के बावजूद महिला आरोपित को पकड़वाने के लिए पहाड़ पर भी चढ़ गई।
डराते थे आंकड़े
किसी समय कन्या भू्रण हत्या मामले में अग्रणी रहने वाले जिले के लिंगानुपात में सुधार हुआ है। पीसीटीएस के आंकड़ों की माने तो विभाग की लगातार कार्रवाईयों के चलते वर्ष 2011 लिंगानुपात 837 था। विभाग की ओर से लगातार किए डिकॉय ऑपरेशनों के चलते वर्ष 2017 में लिंगानुपात बढकऱ 953 पहुंच गया है।
जिले में बालिका जन्म की स्थिति
वर्ष बालिका
2014 ~893
2015 ~903
2016 ~949
2017 ~953