8 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीकर में सोने की बिक्री में 75 फीसदी गिरावट, पहले 7 से 9 किलो बिकता था रोज, अब 2 किलो

सीकर में सोने का कारोबार भारी गिरावट का सामना कर रहा है। वैश्विक आर्थिक संकट, ऑफ सीजन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘देश में ही खर्च करें’ अपील के बाद मांग कमजोर पड़ी है। सर्राफा व्यापारियों के अनुसार पहले जहां रोजाना 7 से 9 किलो सोना बिकता था, वहीं अब बिक्री घटकर करीब 2 किलो रह गई है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Arvind Rao

Jun 08, 2026

Gold Sales in Sikar

सीकर में सोने का कारोबार 75% तक घटा (पत्रिका फोटो)

सीकर: वैश्विक संकट, ऑफ सीजन और पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सीकर में सोने का कारोबार लगभग ठप हो गया है। निवेश के लिहाज से लोगों ने सोने की खरीद से लगभग दूरी बना ली है। शादी विवाह व अन्य मांगलिक अवसरों के लिए जरूरी सोना भी लोग सीमिति मात्रा में ही खरीद रहे हैं। सराफा व्यापारियों की मानें तो सोने का कारोबार 70 से 75 फीसदी तक कम हो गया है। सरकारी व स्थानीय जानकारों की मानें तो सीकर में दो महीने पहले तक रोजाना 7 से 9 किलो सोने का व्यापार होता था, जो अब घटकर 2 किलो से भी कम रह गया है।

सर्राफा व्यापार मुख्य रूप से शादी-विवाह के सीजन पर निर्भर रहता है। लेकिन इस बार शादी के ऑफ-सीजन में भी अपेक्षित खरीदारी नहीं हो रही है। स्वर्णकार समाज के प्रदेशाध्यक्ष शिव प्रसाद सोनी ने बताया कि पहले ऑफ-सीजन में भी लोग पहले से गहनों की बुकिंग और ऑर्डर देने आ जाते थे, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। बाजार में न तो नए ऑर्डर आ रहे हैं और न ही पुराने ग्राहक लौट रहे हैं।

पीएम ने इसलिए की थी अपील

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है। देश में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश सोने का आयात डॉलर में किया जाता है। ईरान व अमेरिका-इजराइल संकट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही थी। ऐसे में सोने के आयात पर डॉलर खर्च होने से विदेशी मुद्रा भंडार व रुपए पर दबाव बढ़ने और चालू खाते का घाटा बढ़ने की आशंका में पीएम मोदी ने एक साल सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। ताकि देश के डॉलर भंडार पर दबाव घट सके।

छोटे व्यापारियों पर सबसे ज्यादा असर

इस मंदी का सबसे बड़ा असर छोटे सराफा व्यापारियों पर पड़ा है। बड़ी दुकानों के मुकाबले छोटे दुकानदारों के पास सीमित पूंजी और कम ग्राहक आधार होता है, जिसके चलते उनके लिए रोजमर्रा का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।

दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार बने हुए हैं, जबकि आय में गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों और महंगाई ने ग्राहकों की खरीद क्षमता कम कर दी है।

इनका कहना है…

प्रधानमंत्री की अपील के बाद बाजार में खरीदारी का माहौल पहले जैसा नहीं रहा और बिक्री आधी से भी कम रह गई है।

-शिवप्रसाद सोनी, स्वर्णकार समाज प्रदेशाध्यक्ष

बाजार में पूरे दिन बस सन्नाटा रहता है। बाजार पहले से काफी सुस्त हो गया है। 25 से 30 फीसदी ही कारोबार रह गया है।

-राजेश सोनी

पहले जो लोग नियमित रूप से सोने में निवेश करते थे, वे अब अन्य क्षेत्रों में पैसा लगा रहे हैं। इससे सोने का कारोबार 25 फीसदी तक सिमट गया है।

-दिनेश सोनी

पीएम मोदी की अपील ने कोढ़ में खाज का काम कर दिया। लोग आते हैं और भाव पूछकर चले जाते हैं। कारोबार काफी सुस्त हो गया है। ऑफ सीजन का भी प्रभाव है।

-अनिल सोनी