
Sikar News : सीकर के जनाना अस्पताल में प्रसूता की मौत, धरने पर बैठ लोग। फोटो पत्रिका
Sikar News : बीते कुछ महीनों में राजस्थान में करीब 19 प्रसूताओं की मौतें हो चुकी है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और सरकार ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की ट्रैकिंग तथा गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके सीकर में चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों की लापरवाही ने एक और प्रसूता की जान ले ली। राजकीय जनाना अस्पताल, सीकर में सिजेरियल डिलीवरी के दूसरे दिन करीब 34 घंटे बाद बाद प्रसूता दीपा की तबीयत बिगड़ने से मौत हुई है। पति का आरोप है कि चिकित्सकों ने समय पर उचित इलाज नहीं किया और प्रसूता को रैफर करने में देरी की, जिसके चलते मौत हुई है। प्रसूता के परिजन सहित रायपुरा गांव के ग्रामीण श्री कल्याण हॉस्पिटल, सीकर की मोर्चरी के बाहर मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं।
मृतका के पति लालचंद नायक निवासी रायपुरा ने बताया कि उनकी पत्नी दीपा नायक (29 वर्ष) निवासी रायपुरा रानोली को दर्द होने पर 20 जुलाई को राजकीय जनाना अस्पताल, सालासर रोड, सीकर में भर्ती करवाया था। 21 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे दीपा ने बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। 22 जुलाई की दोपहर करीब डेढ़ बजे एक नर्सिंग कर्मचारी ने प्रसूता दीपा नायक को इंजेक्शन लगाया।
पति लालचंद का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की हालत गंभीर हो गई, उसकी सांस फूलने लगी और पूरे शरीर में सूजन आ गई। उसने नर्सिंग स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन उन्हें डॉक्टर के आने का इंतजार करने के लिए कहा गया। दीपा की हालत लगातार बिगड़ने पर उन्होंने उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग की। आरोप है कि रात करीब 8 से 8.30 बजे के बीच एंबुलेंस से उसे जयपुर रेफर किया गया जबकि दीपा की तबियत दोपहर 3 बजे से ही बहुत खराब हो गई थी।
मृतक प्रसूता के पति लालचंद ने आरोप बताया कि एंबुलेंस बाजौर के पास पहुंची तो ड्राइवर ने गाड़ी वापस सीकर की ओर मोड़ दी। प्रसूता दीपा नायक को सीकर के एसके अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक प्रसूता के एक ढाई साल की बेटी पहले से है। वहीं दो दिन पहले 21 जुलाई को हुई डिलेवरी से एक नवजात बच्ची है। दोनों के सिर से मां का साया उठा चुका है। लालचंद ने रोते हुए बताया कि अब व नवजात बच्ची को पालने व मानसिक रूप से विमंदित पिता की देखभाल कैसे करेगा। घर पर रहा तो मजदूरी नहीं कर पाएगा, ऐसे में परिवार की राेजी-रोटी चलना मुश्किल हो जाएगा। प्रसूता का पति लालचंद रंग-रोगन करने का काम करता है।
धरने पर बैठे एडवोकेट सागर खोखर, निवर्तमान उपजिला प्रमुख ताराचंद घायल व राजेश जोया ने मांग रखी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, मृतक प्रसूता की दो बेटियों के लिए 11-11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने, पति को संविदा पर नौकरी देने व जांच कमेटी में दो सदस्य पीड़ित पक्ष के रखने की मांग की गई है। हालांकि परिजनों की अस्पताल अधीक्षक के साथ पहले दौर की वार्ता विफल रही।
परिजनों ने शिकायत की है। हम सीनियर डॉक्टर्स की कमेटी गठित करेंगे और न्यायोचित कार्रवाई करेंगे। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी खंगालेंगे व वहां मौजूद लोगों के बयान भी लेंगे। बुधवार रात पौने आठ बजे मुझे इसकी सूचना मिली थी। सीनियर स्टाफ व मैं भी स्वयं भी तुरंत जनाना हॉस्पिटल पहुंच गई थीं। 108 एंबुलेंस ने फोन नहीं उठाया तो हमने अपनी ओर से एंबुलेंस व नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था की थी।
डॉ. प्रियंका अमन, अधीक्षक, श्री कल्याण राजकीय चिकित्सालय, सीकर
Updated on:
23 Jul 2026 09:12 pm
Published on:
23 Jul 2026 09:12 pm
