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सीकर: ड्यूटी से लौटने के 2 घंटे बाद महिला VDO की मौत, भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी

Sikar News: सीकर के लक्ष्मणगढ़ में 28 वर्षीय ग्राम विकास अधिकारी लक्ष्मी मीणा की ट्रेन की चपेट में आने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ड्यूटी से लौटने के बाद वह बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी। भाई की रिपोर्ट पर जीआरपी ने मामला दर्ज कर हादसे और अन्य सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
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सीकर

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Arvind Rao

Jul 22, 2026

Sikar-Laxmangarh VDO Suicide

लक्ष्मी मीणा (पत्रिका फोटो)

Sikar-Laxmangarh VDO Suicide: लक्ष्मणगढ़ (सीकर): सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में कार्यरत 28 वर्षीय ग्राम विकास अधिकारी (VDO) लक्ष्मी मीणा की मंगलवार शाम ट्रेन से कटकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से पंचायती राज विभाग और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। बुधवार सुबह उपखंड और विकास अधिकारियों की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतका के भाई की रिपोर्ट पर जीआरपी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ड्यूटी से लौटने के बाद बाजार जाने का कहकर निकली थी

मूल रूप से डीग जिले के जालुका थाना क्षेत्र के खेड़ली गुर्जर गांव की रहने वाली लक्ष्मी मीणा सिंगोदड़ा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थी। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को उन्होंने दिनभर ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम सेवा शिविर के फॉलोअप शिविर में अपनी सेवाएं दी।

शाम को काम खत्म करने के बाद वह लक्ष्मणगढ़ स्थित अपने किराए के मकान पर पहुंचीं। उनका बड़ा भाई जगराम मीणा भी वहीं रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। लक्ष्मी शाम करीब छह बजे भाई से बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी बीच उनके ट्रेन की चपेट में आने की दुखद खबर मिली।

हादसा बेहद भीषण, परिजनों ने जताई निष्पक्ष जांच की मांग

हादसा इतना दर्दनाक था कि ट्रेन की टक्कर से लक्ष्मी का एक हाथ शरीर से अलग हो गया, हाथ की अंगुलियां कट गईं और शरीर पर गंभीर चोटों व रगड़ के निशान पाए गए। मृतका के बड़े भाई जगराम मीणा ने जीआरपी फतेहपुर थाने में रिपोर्ट दी है।
उन्होंने घटना को पूरी तरह से संदिग्ध बताते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जीआरपी थानाधिकारी रामसहाय चौधरी ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हादसे व साजिश, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने जताया शोक

घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार सुबह पंचायती राज विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी राजकीय अस्पताल पहुंचे। उपखंड अधिकारी मोहर सिंह मीणा, विकास अधिकारी रोमा सहारण, सिंगोदड़ा के प्रशासक महेश ढेवा और ग्राम विकास अधिकारी शुभम शर्मा समेत कई कार्मिकों ने मोर्चरी पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। फिलहाल, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस अनुसंधान के बाद ही हो सकेगा।