23 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

CJP Protest: पीएम मोदी के बयान पर टीकाराम जूली ने उठाए सवाल, कहा- छात्र इस अन्याय को रखेंगे याद, लेंगे हिसाब-किताब

Rajasthan Politics : पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा पेपर लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने पीएम मोदी के बयान पर सवाल उठाये।
3 min read
Google source verification
CJP Protest Tikaram Jully raised questions PM Modi statement Students remember injustice

Rajasthan Politics : राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Politics : राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने पेपर लीक मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई न्यायालय के माध्यम से कार्रवाई की बात कही गयी है। टीकाराम जूली ने गुरुवार को अलवर में कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में करीब 150 पेपर लीक हुए, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने पूछा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत अब महसूस हो रही है तो पहले क्यों नहीं थी।

टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ बयानबाजी कर रही है, जबकि पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले युवाओं, उम्र अधिक हो चुके अभ्यर्थियों और आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज जैसे मामलों पर सरकार जवाब दे। टीकाराम जूली ने आंदोलन के दौरान छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों पर भी कार्रवाई की मांग की।

राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा हमारे समय में जो पेपर लीक हुए, उनके टोटल मामलों को हमारी सरकार ने दर्ज किया था। हमारे समय में पेपर लीक का मामला नहीं छिपाया था। इनके समय में तो बच्चे दौड़-दौड़कर कोर्ट के अंदर जा रहे हैं, तब ये मामले खुल रहे हैं।

पेपर लीक : कांग्रेस सरकार ने बनाया सबसे मजबूत कानून

दूसरा, जो सबसे महत्वपूर्ण है, जिससे पेपर लीक पर लगाम लगी, वह है कि देश के अंदर सबसे मजबूत कानून हमारी कांग्रेस सरकार ने बनाया। 10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना और 10 साल से आजीवन कारावास की सजा। ऐसा कानून न किसी दूसरे राजनीतिक दल ने बनाया, न ही मोदी जी ने बनाया।

मोदी जी ने कानून बनाया है 1 लाख से 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और 1 साल से 10 साल तक की सजा। और राजस्थान के अंदर तो यदि सरकारी कर्मचारी शामिल होता है, तो नौकरी से बर्खास्त करने का भी प्रावधान है। ऐसा कानून देश में कहीं नहीं बना, जैसा पेपर लीक का कानून राजस्थान के अंदर कांग्रेस सरकार ने बनाया है।

पीएम मोदी को आज समझ में आया है…

आज नरेंद्र मोदी जी ने माना है कि फास्ट ट्रैक व्यवस्था बनाने की भी जरूरत है। पेपर लीक के मास्टरमाइंडों को बख्शा नहीं जाएगा, यह भी जरूरत है। तो आज से पहले क्यों बख्श रहे थे, भाई? आज से पहले आप कहां चले गए थे? जब पेपर लीक हो रहे थे, बच्चे आत्महत्या कर रहे थे, बच्चे रो रहे थे, प्रदर्शन कर रहे थे, उनका भविष्य बर्बाद हो रहा था, पीएम मोदी को आज समझ में आया है।

टीकाराम जूली ने कहा कि NTA के लोगों ने ही तो पेपर लीक करवाए हैं। उनकी पूरी जांच होनी चाहिए। बल्कि जिन्होंने बनाया, उनकी भी जांच होनी चाहिए। मेरा यह कहना है कि इस समय जो छात्रों का साथ नहीं देगा, उसको भविष्य में इसका हिसाब-किताब चुकाना पड़ेगा। छात्र इस देश के भविष्य हैं, आने वाली पीढ़ी हैं। आज छात्रों के साथ जिस प्रकार का अन्याय किया है, अत्याचार किया है, तो इस सरकार को ये युवा हटाकर ही मानेंगे। इस समय जो कोई भी छात्रों का साथ दे रहा है, छात्र उसको याद रखेंगे।

विदेशी फंडिंग के पुख्ता सबूत हैं तो सार्वजनिक किया जाए

राजस्थान में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के उस बयान पर भी टीकाराम जूली ने सवाल उठाये, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर विदेशी फंडिंग और पत्थरबाजी के आरोप लगाये गये थे। सरकार के पास विदेशी फंडिंग के पुख्ता सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए और संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। सरकार के पास ऐसी जानकारी किस स्रोत से आयी और अब तक उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

आंदोलन कर रहे छात्रों पर बरसा रही है लाठियां

जूली ने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसा रही है और उनके प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।