23 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Alwar: पेपर लीक विवाद; PM मोदी के ट्वीट पर भड़के टीकाराम जूली, पूछे तीखे सवाल

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट पर करारा पलटवार किया है। अलवर में मीडिया से बात करते हुए जूली ने कहा कि 12 साल से केंद्र में बीजेपी सरकार है, फिर भी छात्रों के दर्द की सुध अब ली जा रही है।
2 min read
Google source verification
tikaram julie

प्रेस वार्ता (फोटो - पत्रिका)

देश में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और युवाओं के भविष्य को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीकाराम जूली ने गुरुवार को अलवर स्थित अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को सीधे तौर पर आड़े हाथों लिया। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों की चिंता जाहिर करने और इस पूरे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की बात पर जूली ने जोरदार हमला बोला।

12 साल से आपकी सरकार, अब तक क्या किया?

टीकाराम जूली ने तीखे लहजे में सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आज सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि वे बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं और इस मामले में फास्ट ट्रैक सुनवाई होनी चाहिए। मैं उनसे बहुत सीधा सवाल पूछना चाहता हूं कि पिछले 12 सालों से देश में आपकी सरकार चल रही है। इस दौरान देशभर में दर्जनों पेपर लीक हुए, लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका, तब आपकी सरकार ने दोषियों पर क्या सख्त कार्रवाई की? इतने सालों तक आपको देश के इन होनहार बच्चों और उनके परेशान मां-बाप का दर्द क्यों नजर नहीं आया?

जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज का उठाया मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और अभ्यर्थियों पर हुए पुलिसिया एक्शन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जो छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे थे, उन पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं।

छात्रों पर अत्याचार: जब जंतर-मंतर पर मासूम बच्चों और अभ्यर्थियों की बेरहमी से पिटाई की जा रही थी, तब प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की संवेदनशीलता कहां चली गई थी?
सवालों से भागती सरकार: जब भी सदन में या सड़कों पर विपक्ष युवाओं और रोजगार से जुड़े सवाल पूछता है, तो सरकार कोई जवाब देने के बजाय बातें घुमाने लगती है।


छात्रों को पत्थरबाज कहना अपमानजनक

टीकाराम जूली ने राजस्थान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के बड़े नेता अपने हक की आवाज उठाने वाले छात्रों को 'पत्थरबाज' कहकर संबोधित कर रहे हैं। सत्ता के नशे में चूर होकर इस तरह की गलत बयानबाजी करना बेहद निंदनीय है। जूली ने अंत में साफ किया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश और देश के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और सरकार की इस दोहरी नीति का हर स्तर पर विरोध करती रहेगी।