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सीकर: 4 सगे भाइयों को मिली 5 साल के कठोर कारावास की सजा, पड़ोसी पर लाठी से हमला करके सिर पर कर दिया था 8CM का घाव

Attempt To Murder In Land Dispute: सीकर में पांच साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर सेशन कोर्ट ने 4 सगे भाइयों को दोषी मानते हुए 5-5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने पड़ोसी पर लाठी और लोहे के सरिए से हमला किया था।
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सीकर

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Akshita Deora

Jul 23, 2026

Sikar Crime

4 सगे भाइयों को 5-5 साल का कठोर कारावास (फोटो: पत्रिका)

4 Real Brothers Sentenced 5Yr Rigorous Imprisonment: सीकर शहर में पांच साल पहले पड़ोसी युवकों पर जानलेवा हमला करने के मामले में अपर सेशन कोर्ट (क्रम संख्या 4) ने चार सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए 5-5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। नायकान मोहल्ला निवासी भाइयों राकेश कुमार (27), पवन कुमार (30), कृष्णा उर्फ सोनू (22) और सुनील कुमार को कुल 13-13 हजार रुपए का जुर्माना भी अदा करना होगा। इसमें से 40 हजार रुपए की राशि हमले में गंभीर घायल पीड़ित को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। अपर सेशन न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार मीणा के इस अहम फैसले के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।

भाई ने दी थी रिपोर्ट

अपर लोक अभियोजक सरकारी अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह कुड़ी ने बताया कि 27 जून 2021 को मोहल्ला नायकान निवासी सांवरमल नायक ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसका भाई राजू और बजरंग लाल मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। रास्ते में अरिहंत अस्पताल के पास मोहल्ला नायकान निवासी दुलीचंद के चारों बेटों राकेश, पवन कुमार, कृष्णा उर्फ सोनू और सुनील कुमार ने एकराय होकर लाठी और लोहे के सरिये से उन पर हमला कर दिया। हमले में राजू और बजरंग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए एसके अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था।

सिर पर हुआ आठ सेंटीमीटर का घाव, कोर्ट ने माना हत्या का प्रयास

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और चिकित्सकों के बयानों के आधार पर माना कि हमले में पीड़ित राजेश के सिर पर आई चोट गंभीर और प्राणघातक थी। सरिये के वार से उसके सिर पर आठ सेंटीमीटर का गहरा घाव हो गया था। बजरंग के हाथ में भी दो चोटें आई थीं। कोर्ट ने माना कि हमला इस तरह किया गया था, जिससे पीड़ित की जान जा सकती थी। इसी आधार पर इसे हत्या के प्रयास की श्रेणी में माना गया।

कोर्ट ने चारों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी मानते हुए कारावास और आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

दोनों पक्षों में था जमीनी विवाद

हमले की वजह कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद होना सामने आया था। इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों में लंबे समय से रंजिश चल रही थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाह और 39 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने चारों भाइयों को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।