
रींगस. सरकार द्वारा जहां छोटे बच्चों का स्वास्थ्य सुधारने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है, वही रींगस के वार्ड 16 के आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों का स्वास्थ्य सुधरने के बजाय उल्टा खराब होने की कगार पर आ गया है। केंद्र के बाहर जमा होने वाले नाले के गंदे पानी के कारण केन्द्र में बैठना तो दूर की बात केन्द्र के पास से लोगों का गुजरना भी दूभर हो गया है। इन दिनों पालिका प्रशासन द्वारा नदी में जाने वाले कस्बे के मुख्य गंदे नाले की मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है जिसके चलते नाले को अंबेडकर स्कूल में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र के पास ही बंद कर रखा है। नाला भरने के बाद पूरा गंदा पानी मुख्यमार्ग में जमा हो गया है जिससे पानी में आने वाली बदबू के कारण सांस लेना भी दूभर हो गया है। दो दिन पहले आई बारिश के कारण समस्या और अधिक बढ़ गई तथा केन्द्र मुख्य द्वार के सामने घुटनों तक पानी जमा हो गया है जिसके चलते छोटे बच्चों व कार्यकर्ता तथा सहायिका केन्द्र में जाना भी दूभर हो गया है। मजबूरन सडक़ किनारे पेड़ के छांव में ही केन्द्र संचालित हो रहा है। समस्या को लेकर पालिका प्रशासन व वार्ड पार्षद को लोगों ने अनेक बार अवगत करवाया है
लेकिन अभी तक भी समस्या को कोई समाधान नहीं हुआ है। समस्या को लेकर वार्ड के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। आंगन बाडी केन्द्र में आने वाले छोटे बच्चों के परिजनों को केन्द्र के बाहर जमा गंदे पानी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता भी सताने लग गई है। परिजनों का कहना कि इस गंदगी के कारण केन्द्र के पास सांस लेना दूभर है वे अपने बच्चों को जानबूझकर मौत के मुह में कैसे धकेल सकते है। समस्या के चलते केन्द्र पर आने वाले बच्चों की संख्या भी घटकर महज चार पांच ही रह गई है। उधर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दुर्गा कुमावत ने बताया कि गंदे पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अनेक बार अवगत करवाया है लेकिन समस्या समाधान नहीं होने के चलते सडक़ किनारे पेड़ की छांव में केन्द्र चलाना पड़ रहा है।वहीं वार्ड 16 के पार्षद मोतीलाल कुमावत ने बताया कि इस गम्भीर समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत करवाया गया है काम के दौरान गंदे पानी की निकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।