सीकर

राजस्थान के हर निकाय में होगा जमीन बैंक, सरकार खुद बसाएंगी कॉलोनी, UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने दिए संकेत

आमजन के आ​शियाने की उम्मीदों को पूरा करने के लिए अब निकाय भी आगे आएंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी नगर निकायों में जमीन बैंक तैयार होगा। किसानों से जमीन लेकर उनको 25 फीसदी डवलप जमीन व पैसा दिया जाएगा।

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Dec 16, 2024
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा। फोटो: सोशल

सीकर। आमजन के आ​शियाने की उम्मीदों को पूरा करने के लिए अब निकाय भी आगे आएंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी नगर निकायों में जमीन बैंक तैयार होगा। किसानों से जमीन लेकर उनको 25 फीसदी डवलप जमीन व पैसा दिया जाएगा। इन जमीनों पर नियोजित तरीके से कॉलोनी बसाकर आमजन को दी जाएगी। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए इस बात के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इन निकायों के बाद प्रदेश की सभी नगर निकायों में इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

सफाई कर्मचारियों भर्ती जल्द, हर तीन महीने से होगी समीक्षा

यूडीएच मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की अटकी भर्ती को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मंशा अनुभव के आधार पर भर्ती करने की नहीं थी, लेकिन सफाई कर्मचारियों की मांग पर अनुभव को शामिल किया गया। अब संविदा के आधार पर 30 हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती होगी। हर तीन महीने से सफाई कर्मचारियों के काम की समीक्षा की जाएगी। जो काम ठीक से नहीं करेंगे उनको हटाकर प्रतीक्षा सूची से दूसरे अभ्य​र्थियों को लगाया जाएगा।

शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी

पेयजल प्रोजेक्टों के मामले में यूडीएच मंत्री खर्रा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने राजस्थान की जनता को जो गांरटी दी वह है नि​श्चित तौर पर पूरी होगी। उन्होंने कहा कि यमुना का जल शेखावाटी की जनता को जरूर मिलेगा। उन्होंने दावा किया अगले साल तक इस प्रोजेक्ट का काम शुरू कराने का प्रयास रहेगा।

अगले साल तक कार्यकर्ताओं को नियु​क्ति पक्की

कार्यकर्ताओं को राजनैतिक नियु​क्ति नहीं मिलने के सवाल पर यूडीएच मंत्री खर्रा ने कहा कि भाजपा संगठन की असली ताकत कार्यकर्ता है। संगठन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले कार्यकर्ताओं को अगले साल में राजनैतिक नियु​क्ति दी जाएगी।

सीकर को नगर निगम का तोहफा भी मिलेगा

सीकर को अब तक नगर निगम का तोहफा नहीं मिलने के मामले में यूडीएच मंत्री ने कहा कि पहले नगरीय क्षेत्र की सीमा का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके बाद सीकर संभाग

यदि पहले बना देते तो सवाल उठते कि सबसे पहले खुद का भला किया

आबादी व क्षेत्रफल के सभी मापदंड पूरे करने के बाद भी सीकर के नगर निगम का तोहफा नहीं मिलने के सवाल पर कहा कि यदि पहले सीकर को नगर निगम बना देते तो लोग सवाल करते कि सबसे पहले खुद के संभाग के नगर निगम का भला किया है। पहले दूसरे नगर निकायों को निगम का तोहफा दे दिया अब सीकर का नंबर भी आएगा।

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