
सीकर. शेखावाटी में बढ़ती गर्मी ने पथरी के रोगी बढ़ा दिए हैं। शरीर में पानी की कमी हो रही है। शरीर में बाकी बचा पानी भी पसीने के जरिए बह रहा है। इससे किडऩी फेलियर और यूरिनरी ट्रेक में संक्रमण और बुजुर्गों में प्रोस्टेट की समस्या बढ़ गई है। हालात यह है कि जिला मुख्यालय स्थित एसके अस्पताल में पिछले दो माह में आउटडोर में आने वाले मरीजों की संख्या में 25 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। निजी अस्पताल में आने वाले मरीज भी उल्टी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। पांच फीसदी मामलों में तो सर्जरी कराने की नौबत जा जाती है। चिकित्सकों की माने तो आउटडोर में आने वालों में पुरुषों की बजाए महिलाओं की संख्या ज्यादा है।
यह है कारण
गमी के मौसम में चाय या कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन करने से पानी की मात्रा हो जाती है। एक कप चाय पीने से शरीर से शरीर में 25 एमएल तक पानी डिहाईशरीर की कोशिका में 30 फीसदी से कम पानी होने पर डिहाइड्रेशन हो जाता है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए पेशाब गाढ़ा हो जाता है और शरीर के लवण कम हो जाते हैं। इससे यूरिक एसिड, अमीनो एसिड के छोटे-छोटे कण किडऩी में जमा होकर पथरी बना देते हैं।
30 फीसदी का इजाफा
कल्याण अस्पताल का आउटडोर रोजाना करीब 1100 मरीजों का रहता है। दो माह पहले तक रोजाना पथरी की समस्या को लेकर आने वाले मरीजों का आउटडोर महज पांच फीसदी था। अब पथरी के रोगियों का आउटडोर बढकऱ 35 फीसदी तक पहुंच गया है।
-शरीर से पसीना बहने और पानी की मात्रा कम होने पथरी के रोगियों की संख्या में 30 फीसदी तक इजाफा हुआ है। यूरिनरी ट्रेक में इन्फेक्शन के कारण कई बार मरीजों को सर्जरी करवानी पड़ती है। पानी की पर्याप्त मात्रा के लिए लोगों को चाय और कोल्ड ड्रिंक से दूरी रखनी चाहिए।
डा. हरिशंकर बगडिय़ा, यूरोलॉजिस्ट