
राजस्थान के सीकर जिले के बालक कोर्ट ने बुधवार को भाभी के साथ बलात्कार के जुर्म में आरोपी देवर को 10 साल के कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश निवासी विधि से संघर्षरत किशोर ने चार साल पहले अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाभी के साथ दुष्कर्म किया था। जिसमें दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शर्मा ने उसे सजा सुनाई। अपने फैसले में अहम टिप्पणी करते हुए उन्होंने लिखा कि जहां हत्या पीडि़त के शारीरिक ढांचे को नष्ट करता है वहीं, बलात्कारी असहाय महिला की आत्मा को मलिन व अशुद्ध करता है। चूंकि यह उसके जीवन के अंतरमन को झकझोर देता है। ...यह पीडि़ता पर न मिटने वाले चिन्ह को छोड़ते हुए उसकी शारीरिक एवं मानसिक क्षति कारित करती है। अत: आरोपी को ये दंड न्यायोचित है।
2019 में हुई थी वारदात
पीडि़त पक्ष की पैरवी करने वाले लोक अभियोजक किशोर कुमार ने बताया कि 20 सितंबर 2019 को पीडि़ता ने पुलिस में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि वह दो साल से अपने पति के साथ सीकर में किराये के मकान में रहती है। एक साल से उसका विधि से संघर्षरत किशोर देवर भी उसके साथ ही रहता है। जो उसके पति के साथ पीओपी का काम करता है। 19 सितंबर को वह खाना खाकर अपने पति व पुत्र के साथ सो गई थी। रात को लाइट जाने पर उसका पति उठकर बाहर चला गया। थोड़ी देर बाद उसके देवर ने कमरे में अंधेरे का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पति की जगह देवर के होने का पता चलने पर वह चिल्लाई तो पति व मकान मालिक मौके पर पहुंचे। जिसके बाद इसकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने पर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया।