
Photo: khatushyamji sikar, patrika
Sikar Fire Risk: दिल्ली में एक होटल में आग लगने से करीब 21 लोगों की मौत हो गई। पत्रिका टीम ने सीकर जिले में होटल, रेस्टोरेंट के सुरक्षा इंतजामों की जांच की तो कई जगह हालात चिंताजनक मिले। पिपराली रोड व नवलगढ़ रोड पर कई रेस्टोरेंट 13 से 15 फीट की संकरी गलियों में मिले। जिनमें एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड भी नहीं जा सकती हैं। वहीं विश्वभर में प्रसिद्ध बाबा श्याम की नगरी खाटूश्यामजी में हालात और भयावह हैं, यहां संकरी गलियों में होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशालाएं व बहुमंजिला शोरूम बने हुए हैं।
खाटूश्यमजी कस्बे के अंदरूनी हिस्से में हर छोटी व तंग गलियां हैं, जिनमें फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस सहित कोई भी बड़ा वाहन नहीं जा सकता है। शुक्ल पक्ष की एकादशी के भव्य मेले से ठीक एक दिन पहले 26 मई को राधे की हवेली नामक होटल में आग लग गई थी। तंग गली में बनी होटल में फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाई, जिससे होटल की आग की लपटें उपर तक फैल गई।
एजुकेशन जोन के नाम से देशभर में सीकर की पहचान है। पिपराली रोड व नवलगढ़ रोड पर हर गली में दर्जनों बहुमंजिला हॉस्टल्स व इनमें मैस, रेस्टोरेंट हैं लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। इन बहुमंजिला हॉस्टल, रेस्टोरेंट हैं। हॉस्टलों में 100 बच्चों से लेकर 150 व 200 बच्चे तक एक साथ रह रहे है। लेकिन अधिकांश हॉस्टलों में दमकल, फायर फायटिंग सिस्टम, पानी के बड़े टैंक व अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं है।
खाटूश्यामजी कस्बे में निवास करने वाले 13 व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने 16 जनवरी 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी। उन्होंने अपने मकान, दुकान, होटल व अन्य प्रतिष्ठान पर तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं करने को लेकर यह याचिका लगाई थी। राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर ने याचिकाकर्ताओं की सुनवाई कर आदेश दिया था कि इन 13 भवन मालिकों से 15 दस्तावेज लें और उनकी जांच करें। 45 दिन में इनके दस्तावेज वैद्या पाए जाएं तो इन्हें मुआवजा दें और रास्ता चौड़ा करने के आदेश दिए गए थे।
5 माह बीत जाने के बाद भी हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन, खाटूश्यामजी नगर पालिका, एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की है। गौरतलब है कि इस शनि मंदिर से लेकर पुराना श्याम कुंड, मंदिर के सामने, मुख्य बाजार कबूतर चौक से मित्र मंडल धर्मशाला होते हुए राजू की चैन तक यह रास्ता चौड़ा किया जाना था। लेकिन यह मामला राजनीतिक दांवपेंच में फंसा हुआ है।
खाटूश्यामजी में करीब 30 साल पहले राजू की चेन के पास पुराना बस स्टैंड था, यहों से बेरोकटोक बस, ट्रक लामियां की ओर जाते थे। लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। चबूतरे बनाकर लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर लिया है। आज हालात यह है कि यहां छोटे वाहन भी नहीं निकल पा रहे हैं। खाटूश्यामजी में 8 अगस्त 2022 को मासिक मेले एकादशी के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण हुई भगदड़ में तीन महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई थी।
Published on:
04 Jun 2026 11:17 am
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