सीकर. युवाओं की मोबाइल से बढ़ती दोस्ती की वजह से कॅरियर में भटकाव के लगातार सामने आ रहे है। इस बीच सीकर की एक युवा ने मोबाइल से अपने मतलब की दोस्ती करके राजस्थान बोर्ड में इतिहास रच दिया है। मोबाइल के साथ के बाद भी सुदरासन सांगलिया निवासी प्रियांशी ने राजस्थान बोर्ड टॉप किया […]
सीकर. युवाओं की मोबाइल से बढ़ती दोस्ती की वजह से कॅरियर में भटकाव के लगातार सामने आ रहे है। इस बीच सीकर की एक युवा ने मोबाइल से अपने मतलब की दोस्ती करके राजस्थान बोर्ड में इतिहास रच दिया है। मोबाइल के साथ के बाद भी सुदरासन सांगलिया निवासी प्रियांशी ने राजस्थान बोर्ड टॉप किया है। होनहार ने दसवीं बोर्ड परिणाम में 99.83 अंक हासिल करके इतिहास रचा है। प्रियांशी का सिर्फ अंग्रेजी में एक नंबर कटा है। अन्य विषयों में प्रियांशी के 100 में से 100 अंक आए है। होनहार ने 600 में से 599 अंक हासिल किए है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पापा सीताराम सुण्डा, मां सुनीता देवी व नाना लूणाराम दूधवाल व शिक्षकों को दिया है। शेखावाटी स्कूल लोसल की छात्रा प्रियांशी ने बताया कि उन्होंने पांच बार से अधिक रिविजन किया। प्रिंयाशी का सपना भविष्य में इंजीनियर बनना है। उन्होंने बताया कि उनकी आदत यह रही कि जब भी डाउट आया तो हाथों हाथ क्लियर किया। इसलिए घर पर डाउट आने पर सोशल मीडिया के जरिए दूर किया। प्रियांशी ने बताया कि नियमित अध्ययन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही पढ़ाई को कभी भी बोझ नहीं समझा। स्कूल के अलावा प्रियांशी ने घर पर पांच से घंटे नियमित अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल बिल्कुल भी खराब नहीं है हमको उसके उपयोग अपने मतलब के लिए करना होगा।
प्रियांशी ने बताया कि सफलता में शिक्षकों व माता-पिता के अलावा नाना लूणाराम दूधवाल का रहा है। उन्होंने बताया कि नाना भारतीय सेना के गौरव सेनानी है और उनको अनुशासन बेहद पसंद है। उन्होंने बताया कि नाना सुबह चार बजे नियमित रुप से जगाते थे। उन्होंने बताया कि घर से दो किलोमीटर दूर बस आती थी। नानाजी नियमित रुप से स्कूल बस स्टैण्ड तक छोडने और लेने आते। रास्ते में हमेशा पढ़ाई की बातचीत करते हुए हौसला बढ़ाते।