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NEET Exam Paper Leak: हर छात्र पर बढ़ेगा 30000 रुपए अतिरिक्त खर्च, नीट रद्द होने से बढ़ा आर्थिक और मानसिक तनाव

नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। दोबारा परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, वहीं पेपर लीक की घटनाओं ने एनटीए की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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सीकर

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Akshita Deora

May 13, 2026

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सीकर में एक परीक्षा केंद्र के बार परीक्षार्थियों की भीड़। पत्रिका फाइल फोटो

NEET Exam 2026 Cancel: नीट (यूजी) 2026 की 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा में देशभर के 22.79 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। वहीं सीकर जिले के 102 परीक्षा केंद्रों पर 29979 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 29600 परीक्षार्थी एग्जाम में बैठे थे और 379 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे थे। अब इन विद्यार्थियों को फिर से नीट की परीक्षा देनी होगी। जैसे ही एनटीए ने नीट यूजी परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी किया। इसके आधा घंटे बाद ही कोचिंग संस्थानों हॉस्टल्स संचालकों के फोन घनघनाने लग गए। नीट परीक्षा देकर घर जा चुके विद्यार्थी और उनके अभिभावक अब फिर से कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों की ओर रुख करने लग गए हैं।

नीट की तैयारी करने, टेस्ट सीरीज , डाउट काउंटर व डाउट क्लासेज और सेल्फ स्टडी के लिए सीकर आने लगे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि तीन साल में दो बार नीट का पेपर आउट हो गया है, इससे विद्यार्थी व उनके अभिभावकों का एनटीए एजेंसी व नीट दोनों पर से विश्वास उठ रहा है। हालांकि विषय विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थान के संचालकों का कहना है कि नीट परीक्षा हुए सिर्फ 9 दिन ही हुए हैं, ऐसे में विद्यार्थियों की तैयारी पूरी है और उनका पढ़ाई का रिद्म नहीं टूटा है, ऐसे में उन्हें तैयारी करने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। एक्सपर्ट बोले कि बच्चे इधर -उधर की नहीं सोचें और पॉजिटिव माइंड सेट के साथ तैयार में जुट जाएं। सेल्फ स्टडी व रेगुलर टेस्ट सिरीज पर फाेकस करें।

प्रति छात्र 30 हजार रुपए अतिरिक्त करने पड़ेंगे खर्च

एक नीट छात्र को सीकर या अन्य जिले में रहकर एक साल तैयारी करने, हॉस्टल, खाना, किताबें, यूनिफॉर्म, परिवहन में करीब ढाई से तीन लाख रुपए का खर्चा आता है। ऐसे में अब अब एक से डेढ़ महीने हॉस्टल व कोचिंग की तैयारी करने में एक छात्र को करीब 30 हजार रुपए देने होंगे।

अधिक अंक स्कोर करुंगी

3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा में 700 अंक का स्कोर करने वाली हनुमानगढ़ के नौहर की छात्रा आरजू चौधरी पुत्री एडवोकेट विजयपाल ने बताया कि वह अपनी छोटी बहन के साथ सीकर में कोचिंग के हॉस्टल में रह रही हैं। जैसे ही पता चला की नीट पेपर कैंसिल हो गया है, लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई में जुट गईं। हमेशा पॉजिटिव ही सोचना चाहिए। अब फिर से तैयारी कर 700 से भी अधिक अंक स्कोर करेंगी।

नीट पेपर रद्द होने से हुआ नुकसान

जोधपुर के छात्र मनोज ने बताया कि 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा में उसके 650 अंक आ रहे थे, अब फिर सीकर में आकर तैयारी करुंगा। छात्र ने कहा कि ओबीसी में उसे बेस्ट मेडिकल कॉलेज मिल जाता लेकिन नीट परीक्षा निरस्त होने के चलते उसे नुकसान होने की संभावना है। छात्र का कहना है कि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक, मानसिक दोनों प्रकार से नुकसान हुआ है।

पेपर आउट होने से कटऑफ अधिक जाती, जिससे होता नुकसान

महलाना, चूरू की छात्रा दिव्या राठौड़ ने बताया कि 520 अंक आ रहे थे। इस बार पेपर आसान था लेकिन पेपर लेंदी था। नीट पेपर आउट होने से स्कोरिंग अधिक होती और कटऑफ अधिक जाने के चलते उसे नुकसान होता, ऐसे में हजारों विद्यार्थियों की मेहतन पर पानी फिर जाता। उनका कहना है कि उन्हें सवा महीने बाद ही नीट की परीक्षा देने का दूसरा अच्छा अवसर मिल रहा है। अब फिर से तैयारी शुरु कर दी है।

अभी अच्छा मेडिकल कॉलेज मिल रहा था, अब पेपर पर करेगा डिपेंड

दांतारामगढ सीकर के छात्र नरेंद्र टोडावत ने बताया कि उसके 3 मई हुए नीट के पेपर में 600 अंक आ रहे थे, इससे अच्छा मेडिकल कालेज मिल जाता। पेपर निरस्त होने की सुनते ही वह परेशान हो गए। हालांकि वे बुधवार से ही फिर हाॅस्टल में जाकर तैयारी शुरू कर देंगे। यदि पेपर टफ आया तो उसे नुकसान होने की संभावना अधिक रहेगी, साथ ही परिवार को आर्थिक नुकसान भी होगा।