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नीट परीक्षा रद्द: सीकर में 30 से अधिक युवकों से पूछताछ, 24 को कस्टडी में लिया, कई एक ही परिवार के सदस्य

NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई है। एनटीए ने माना कि कई राज्यों में गेस पेपर के नाम पर प्रश्न वायरल हुए थे। अब 7-10 दिन में नई परीक्षा तिथि घोषित होगी। छात्रों को दोबारा फीस नहीं देनी होगी और पुराने सेंटर ही मान्य रहेंगे। मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। राजस्थान के सीकर से शुरू हुई जांच के तार महाराष्ट्र, बिहार समेत कई राज्यों तक पहुंचे हैं।

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जयपुर

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Arvind Rao

May 13, 2026

NEET Exam Cancelled Big Announcements for Students

NEET Exam Cancelled (Patrika Photo)

NEET UG Exam 2026 Cancelled: पेपर लीक के खुलासे के बाद मंगलवार को नीट परीक्षा रद्द होने से डॉक्टर बनने के इच्छुक करीब 23 लाख विद्यार्थियों के सपने और मेहनत को गहरी चोट लगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने माना कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा से पहले ही गेस पेपर के नाम पर बहुत सारे प्रश्न आउट हो गए थे। इसलिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसके कार्यक्रम की घोषणा आगामी सात से 10 दिन में की जाएगी।

गेस पेपर के नाम पर पेपर लीक का यह प्रकरण राजस्थान के सीकर जिले में सामने आया था। एनटीए ने जांच एजेंसियों के जरिए तहकीकात करवाई तो पता चला कि केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल तक गेस पेपर के नाम पर परीक्षा के प्रश्न लीक हुए हैं। केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है, जो राजस्थान पुलिस के एसओजी से इस मामले की जांच संभालेगी।

ऐसे चला घटनाक्रम

  • एसओजी की 25 टीमों की जांच में खुले कई राज्यों के तार।
  • पुणे कनेक्शन सामने आने पर सीबीआई को सौंपा मामला।
  • 7 मई: सीकर से हुई पहली शिकायत, एनटीए को सबूतों के साथ भेजा लीक हुआ पेपर।
  • 8 मई: एनटीए की राजस्थान पुलिस के डीजी को दी सूचना, एसओजी जयपुर से पहुंची सीकर।
  • 9-10 मई: जांच का विस्तार हुआ तो हरियाणा के गुरुग्राम से होते हुए महाराष्ट्र के नासिक और पुणे तक पहुंची।
  • 11 मईः अंतरराज्यीय साजिश के संकेत मिलने के बाद केंद्र सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया।
  • 12 मई: एनटीए ने किया नीट रद्द का फैसला, सीबीआई टीम के हवाले किए संदिग्ध।

सीबीआई टीम जयपुर पहुंची, एसओजी और 25 पुलिस टीमों ने खंगाला पेपरलीक नेटवर्क

नीट गेस पेपर की जांच की कड़ियां सीकर, जयपुर और गुरुग्राम से होते हुए महाराष्ट्र के नासिक और पुणे तक पहुंची। कई राज्यों में फैले नेटवर्क और अंतरराज्यीय साजिश के संकेत मिलने के बाद केंद्र सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया। एसओजी के आईजी अजय पाल लांबा ने बताया कि जांच के दौरान सामने आए सभी तथ्यों के दस्तावेज और संदिग्धों को मंगलवार शाम दिल्ली से जयपुर पहुंची सीबीआई टीम ने अपनी कस्टडी में ले लिया है।

एसओजी ने जांच के दौरान करीब 150 लोगों से पूछताछ की गई, जिनमें 60 से 80 अभ्यर्थी भी शामिल थे। पूछताछ में मिले इनपुट और मोबाइल डाटा के आधार पर एसओजी लगातार कड़ियां जोड़ती हुई जयपुर, गुरुग्राम और फिर नासिक तक पहुंची। वहां से मिले सुरागों ने पुणे कनेक्शन की पुष्टि की।

राजस्थान एसओजी इस मामले में करीब चार दर्जन आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है। एनटीए ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों व पुलिस की रिपोर्टों व तथ्यों की समीक्षा में यह पाया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को बरकरार रखना उचित नहीं होगा।

राजस्थान व महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार दोपहर नासिक के इंदिरा नगर से एक आरोपी शुभम खैरनार (30) को गिरफ्तार किया गया। वह बीएएमएस का छात्र है और एजुकेशन काउंसिलिंग का भी काम करता है। तकनीकी जांच के आधार पर उसकी पेपर लीक में अहम भूमिका व तस्वीर मिली थी। पहचान छिपाने के लिए उसने मुंडन करवा लिया था, लेकिन पुलिस ने उसे मंदिर जाते हुए धर दबोचा।

कई एक ही परिवार के सदस्य

विक्रम यादव, योगेश प्रजापत, संदीप हरितवाल, नितेश अजमेरा, मांगीलाल और उसका भाई दिनेश, विकास, यश यादव और सत्यनारायण चौधरी।

पत्रिका व्यू…दोषियों को उम्र कैद हो

नीट का पर्चा लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई और एक बार फिर लाखों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया। देश में पेपर लीक की यह बीमारी वर्षों से चली आ रही है। सीबीआई को अब सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठघरे में लाना होगा। सबसे जरूरी यह है कि दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनिश्चित हो।विडंबना है कि आरोपी पकड़े जाते हैं, मुकदमे चलते हैं, लेकिन सजा नहीं होती। इसीलिए माफिया निडर बना रहता है। जब तक कड़ी और त्वरित सजा नहीं होगी, यह सिलसिला नहीं थमेगा। उन करोड़ों परिवारों को न्याय दिलाना राष्ट्रीय जिम्मेदारी है, जो अपने बच्चों के सपनों के साथ इन परीक्षाओं में बैठते हैं।

सीकर में 30 से अधिक युवकों से पूछताछ

नीट निरस्त होने के बाद सीकर में एसओजी सक्रिय है। अधिकारियों ने 30 से अधिक कंसलटेंसी संचालकों, करियर काउंसलरों, हॉस्टल संचालकों और सहयोगियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। एसओजी ने पिपराली चौराहे के पास संचालित आरके एजुकेशनल कंसलटेंसी के संचालक राकेश मंडवारिया निवासी मंडावा, झुंझुनूं को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद 12 अन्य संदिग्ध युवकों को भी पकड़ा गया।

उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर एफआईआर

सीबीआई ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से मिली लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने समेत भारतीय न्याय संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून के तहत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एजेंसी पेपर लीक नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

अमृत ​​काल बना विष काल : राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, पेपर लीक सिर्फ नाकामी नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। यह सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार का नमूना है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं। प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने इस मामले को स्कैम बताते हुए नीट परीक्षा खत्म करने की मांग की।

एनटीए की घोषणाएं

  • दोबारा पंजीकरण नहीं, फीस वापस मिलेगी।
  • मई सत्र के पंजीकृत अभ्यर्थियों की जानकारी, पात्रता और परीक्षा केंद्र दोबारा परीक्षा में मान्य रहेंगे।
  • नए पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी और छात्रों से अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
  • पहले से जमा परीक्षा फीस छात्रों को वापस कर दी जाएगी।
  • परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर आएगी।
  • एनटीए ने अपील की कि केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें, अफवाहों से बचें।
  • हेल्पलाइन नंबर जारी- एनटीए ने अभ्यर्थियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। 011-40759000 और 011-69227700।

एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह बोले…

क्या नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक हुआ है?

पेपर के चार वर्जन होते हैं। उनमें से कोई भी लीक या मार्केट में नहीं आया है। जो पीडीएफ सामने आया है, उसमें कई सवाल थे, जो पेपर से मिलते थे। इसलिए लीक तो नहीं कह सकते लेकिन एक भी प्रश्न पेपर से मैच करता है तो हमारी जीरो टॉलरेंस और जीरो एरर की प्रतिबद्धता व प्रक्रिया का उल्लंघन है। हम उसकी जिम्मेदारी लेकर उस पर कार्रवाई करेंगे।

एनटीए को लीक का कब पता चला?

हमें 7 मई को लीक से जुड़ी खबर मिली। हमने इतने दिनों में सच्चाई का पता लगाया। पेपर कैसे आया, क्या तरीका था, यह कहां-कहां हुआ, कैसे हुआ, यह सब जानकारी सीबीआई देगी। प्रक्रिया का उल्लंघन इतनी हद तक था कि परीक्षा रद्द करने का कड़ा निर्णय लेना पड़ा।

दोबारा पेपर कब तक होगा?

तारीख का निर्णय टीम के साथ बैठकर लेंगे। कम से कम समय में करवाने की कोशिश करेंगे। ताकि मेडिकल कॉलेजों का शेड्यूल गड़बड़ न हो। अगले 7 से 10 दिन में शेड्यूल बता देंगे।

क्या एनटीए के अधिकारियों की मिलीभगत है?

आदमी अंदर का हो या बाहर का हो, सीबीआई उसे सजा दिलाए, ताकि यह समस्या जड़ से खत्म हो जाए। मैं अभी एक अप्रैल को आया हूं इसलिए मिलीभगत के बारे में कहना प्री-जजमेंट होगा। सीबीआई निष्पक्ष जांच करे, एनटीए के अधिकारियों से पूछताछ की पूरी आजादी है।