
लाल गोले में संजय बड़ाया (फोटो: पत्रिका)
ACB Questioned Sanjay Badaya: राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच की तपिश बढ़ती जा रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपी संजय बड़ाया से मंगलवार को दूसरे दिन भी करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई। पिछले दो दिनों में एसीबी उससे लगभग 10 घंटे की पूछताछ कर चुकी है, जिसमें 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए। सूत्रों के अनुसार, बड़ाया ने खुद को निर्दोष बताते हुए कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए।
पूछताछ में बड़ाया ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के साथ पारिवारिक संबंध होने की बात स्वीकार की, लेकिन सरकारी कार्यों में उनके प्रभाव के इस्तेमाल से इनकार किया। एसीबी अब इन संबंधों और टेंडर प्रक्रिया में उसकी वास्तविक भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।
गौरतलब है कि एसीबी मुख्यालय में दर्ज प्रकरण की जांच में सामने आया था कि मैसर्स श्रीगणपति ट्यूबवैल कम्पनी और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवैल कम्पनी ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के कथित फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र तैयार कर विभिन्न निविदाओं में लगाए।
एसीबी का सवाल- पूर्व मंत्री से क्या रिश्ता?
बड़ाया का जवाब- 'पारिवारिक संबंध, लेकिन घोटाले में हाथ नहीं'
सवाल: मैसर्स श्रीगणपति ट्यूबवैल और श्री श्याम ट्यूबवैल कंपनी से आपका क्या संबंध है?
जवाब: इन कंपनियों से मेरा कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, मैं केवल कुछ परिचितों को जानता हूँ।
सवाल: इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र किसके कहने पर तैयार किए गए?
जवाब: मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
सवाल: 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कराने में आपकी क्या भूमिका थी?
जवाब: मैंने किसी भी टेंडर प्रक्रिया में कभी हस्तक्षेप नहीं किया।
सवाल: क्या आपने अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच 'कोऑर्डिनेशन' (सेटिंग) का काम किया?
जवाब: नहीं, मैं ऐसी किसी गतिविधि या समन्वय में शामिल नहीं था।
सवाल: पूर्व मंत्री महेश जोशी से आपके संबंध कैसे हैं?
जवाब: उनसे मेरे पारिवारिक संबंध हैं, लेकिन मैंने सरकारी कार्यों के लिए कभी उनके नाम का इस्तेमाल नहीं किया।
सवाल: क्या आपने जलदाय विभाग में अधिकारियों की पोस्टिंग करवाने का काम किया?
जवाब: लोग केवल आरोप लगाते हैं, मैंने कभी किसी की पोस्टिंग के लिए सिफारिश नहीं की।
सवाल: क्या आपको इस कथित घोटाले से कोई आर्थिक लाभ मिला?
जवाब: नहीं, मुझे कोई आर्थिक फायदा नहीं हुआ। मैं निर्दोष हूं।
Updated on:
13 May 2026 07:30 am
Published on:
13 May 2026 07:30 am
