
लखवार बांध का निरीक्षण करते हुए। फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Shekhawati Water Supply जयपुर। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मंगलवार को उत्तराखंड स्थित निर्माणाधीन लखवार बांध परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों तथा यमुना जल समझौते के अंतर्गत विभिन्न जल भंडारण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उत्तराखंड और राजस्थान सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर लखवार परियोजना की वर्तमान स्थिति तथा राजस्थान को मिलने वाले जल लाभ पर विस्तृत चर्चा की। जल संसाधन मंत्री ने कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध और सुरक्षा मानकों के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस बांध निर्माण के लिए राजस्थान सरकार ने अपने हिस्से के 107 करोड़ रुपए में से अब तक मांग राशि के अनुरूप लगभग 53 करोड़ रुपए का भुगतान उत्तराखंड सरकार को किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में यमुना नदी पर ताजेवाला हैडवर्क्स के अपस्ट्रीम में निर्माणाधीन लखवार परियोजना राष्ट्रीय महत्व की योजना है। परियोजना की कुल भंडारण क्षमता 331 एमसीएम निर्धारित है। राजस्थान को अपनी हिस्सेदारी के अनुसार लगभग 30.91 एमसीएम जल प्राप्त होने से शेखावाटी अंचल को पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने से यमुना बेसिन में जल संरक्षण क्षमता बढ़ेगी तथा राजस्थान को पेयजल एवं सिंचाई के लिए स्थाई जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं से संबंधित सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर सतत समन्वय बनाए रखा जाए तथा राज्य हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।
साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाए। रावत ने निरीक्षण के बाद बताया कि यमुना जल समझौते के तहत डीपीआर का कार्य पूर्ण कर लिया गया हैै। बजट 2026-27 में शेखावाटी तक जल लाने सम्बंधित कार्यों के लिए 32 हजार करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण घोषणा की गई।
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में गिरि नदी पर निर्माणाधीन रेणुका परियोजना भी यमुना बेसिन की महत्वपूर्ण परियोजना है। इसकी कुल भंडारण क्षमता 498 एमसीएम है। इसमें राजस्थान को लगभग 46.50 एमसीएम जल हिस्सेदारी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने परियोजना में अपनी देय वित्तीय हिस्सेदारी लगभग 108 करोड़ रुपए का पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।
रावत ने बताया कि किसाऊ परियोजना टोन्स नदी पर प्रस्तावित है। इसे उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश की ओर से संयुक्त रूप से तैयार किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित भंडारण क्षमता 1324 एमसीएम है, जिसमें राजस्थान को लगभग 123.64 एमसीएम जल प्राप्त होने का प्रावधान रखा गया है। इसके क्रियान्वयन से राजस्थान को नियमित जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
निरीक्षण के दौरान रावत ने कहा कि वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते के अंतर्गत राजस्थान को यमुना नदी के जल में 9.338 प्रतिशत हिस्सेदारी आवंटित की गई है। इसी समझौते के तहत यमुना बेसिन में जल के अधिकतम उपयोग के उद्देश्य से रेणुका, लखवार एवं किसाऊ जैसी भंडारण परियोजनाओं की परिकल्पना की गई थी। रावत ने कहा कि हथिनीकुंड बैराज यमुना जल वितरण व्यवस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां से विभिन्न राज्यों को समझौते के अनुसार जल आवंटन किया जाता है।
Published on:
12 May 2026 09:13 pm
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