
सांकेतिक तस्वीर (फोटो एआई)
NEET UG 2026 Paper Case Update : सीकर। नीट यूजी-2026 परीक्षा से पहले 410 सवालों वाला कथित गेस पेपर जिले में तैयारी करने वाले करीब 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच गया था। इस आधार पर केंद्र व प्रदेश की जांच एजेंसियां भी अलर्ट हो गई है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सामग्री कितनी कोचिंग संस्थाओं, हॉस्टल और विद्यार्थियों तक पहुंची।
सूत्रों के अनुसार झुंझुनूं के मंडावा क्षेत्र से जुड़े एक कंसलटेंसी संचालक और उसके सहयोगियों ने व्हाट्सएप व टेलीग्राम पर कई ग्रुप बनाकर नेटवर्क तैयार किया था। इन ग्रुपों में हॉस्टल संचालक, वार्डन, शिक्षक, नीट अभ्यर्थी और अभिभावकों को जोड़ा गया था। जांच में अब तक कुल 13 संदिग्ध युवकों के नाम सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि गेस पेपर सबसे पहले कुछ छोटे कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल संचालकों को करीब पांच-पांच लाख रुपए में बेचा गया। इसके बाद इन लोगों ने इसे अन्य विद्यार्थियों तक पहुंचाया। कई छात्रों से एडवांस राशि ली गई, जबकि बाकी भुगतान परीक्षा में सवाल मिलने के बाद करने की बात तय हुई थी। परीक्षा के नजदीक आते-आते पेपर के 25 हजार रुपए में बिकने की बातें भी सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से अपने मोबाइल फोन का अधिकांश डेटा और व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप डिलीट कर दिए। हालांकि एसओजी की साइबर टीम मोबाइल डेटा रिकवर करने में जुटी है। जांच में एक संदिग्ध युवक के मोबाइल से 600 से अधिक सदस्यों वाला सोशल मीडिया ग्रुप मिलने की जानकारी सामने आई है, जिससे कई अहम सुराग मिले हैं।
एसओजी और पुलिस टीमों ने सीकर शहर के हॉस्टलों, कोचिंग संस्थानों, कैफे, रेस्टोरेंट और प्रमुख मार्गों के एक हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। पिपराली रोड स्थित कई हॉस्टलों और कंसलटेंसी कार्यालयों के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस लाइन स्थित अभय कमांड सेंटर के माध्यम से भी संदिग्धों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
एनटीए ने इस बार जयपुर, धौलपुर, कोटा और सीकर को नीट परीक्षा के लिए अति संवेदनशील केंद्र माना था। परीक्षा से करीब एक महीने पहले विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और एनटीए की टीमों ने सीकर में जांच भी की थी, लेकिन संदिग्ध नेटवर्क एजेंसियों की नजर में नहीं आ पाया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि यदि कथित गैस पेपर के इतने सवाल परीक्षा में आए हैं तो यह पेपर लीक की ओर गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में है और मामले की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच होनी चाहिए। डोटासरा ने सोशल मीडिया पर इस मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
Published on:
12 May 2026 03:16 pm
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