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वायरल की मार: देरी से ठीक हो रही खांसी, बुजुर्गों में जकड़ने लगी हड्डियां

सीकर. यह आमजन के लिए चिंता की बात है। जिले में तेजी से फैल रहे वायरल संक्रमण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एक सप्ताह में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संया में भारी उछाल देखने को मिला है। सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी का लंबे समय तक न ठीक होना और बुजुर्गों में हड्डियों की जकड़न जैसे लक्षणों वाले मरीज पहुंच रहे हैं।
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Updated: 19 Nov 2025, 12:00 PM IST
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सीकर. यह आमजन के लिए चिंता की बात है। जिले में तेजी से फैल रहे वायरल संक्रमण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एक सप्ताह में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संया में भारी उछाल देखने को मिला है। सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी का लंबे समय तक न ठीक होना और बुजुर्गों में हड्डियों की जकड़न जैसे लक्षणों वाले मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में आने वाले मरीजों में वायरल संक्रमण के लक्षण पाए जा रहे हैं, जिनमें लगातार बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में दर्द, बदन दर्द और खांसी प्रमुख हैं। शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों में बुखार और गले में दर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं. कई बच्चों को तेज बुखार के साथ गले में इंफेक्शन और खांसी की समस्या हो रही है. वहीं बुजुर्गों में यह संक्रमण सांस की तकलीफ और थकान की शिकायत के रूप में दिख रहा है। अकेले कल्याण अस्पताल की मेडिसिन व हड्डी रोग विभाग की ओपीडी 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। इन दोनो विभागों की ओपीडी में रोजाना वायरल के औसतन पांच सौ से ज्यादा पहुंच रहे हैं। वहीं अस्पतालों के दवा काउंटर व खुदरा दवा दुकानों पर एंटी-कोल्ड दवाओं की खपत दोगुनी हो गई है।

इस कारण बढ़ा आउटडोर

चिकित्सकों के अनुसार पिछले एक सप्ताह के दौरान दिन और रात के तापमान में 20 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा का अंतर चल रहा है। शुष्क मौसम और शीतलहर के कारण कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग आसानी से सर्दी-जुकाम और वायरल की गिरत में आ रहे हैं। इसके अलावा मौसम परिवर्तन के समय लापरवाही के कारण बुजुर्गों में हड्डियों की जकड़न, वायरल के दौरान कैल्शियम असंतुलन से आर्थराइटिस और लंबे समय तक बुखार से मांसपेशियों की कमजोरी व खांसी के कारण कमर और पीठ में दर्द शुरू हो जाता है। जिससे कारण बीमारी बढ़ जाती है।

यूं करें बचाव

चिकित्सकों के अनुसार सामान्य से कम तापमान होने के कारण पानी ठंडा हो जाता है। बुखार होने पर सुबह व रात के समय गुनगुना पानी पीएं। सर्द हवा के सीधा सपर्क में आने से बचें। गर्म कपड़े पहनें, पैर ढककर रखें। विटामिन सी की दवा या खट्टे फल का सेवन करें। दो-तीन दिन तक बुखार व खांसी कम नहीं हो तो फौरन चिकित्सक को दिखाएं।

सावधानी रखें...

एक सप्ताह में ओपीडी में मरीज बढ़े हैं। सर्दी के कारण इससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं और ऑस्टियोआर्थराइटिस, पीठ दर्द या फ्रोजन शोल्डर जैसी समस्याएं बढ़ जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। बुजुर्ग सुबह की बजाए दिन या शाम के समय हल्का व्यायाम करें।

डॉ. मनोज बुडानिया, आर्थोस्कोपिक सर्जन, कल्याण अस्पताल

टॉपिक एक्सपर्ट

बदलते मौसम के कारण संक्रमण फैलने से इस समय वायरल के मरीज आ रहे हैं। सावधानी के जरिए वायरल पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। वायरल के लक्षण को नजरअंदाज नहीं करें खुद या दवा की दुकान से दवा लेने से बचें। लक्षण कम होने तक चिकित्सक की ओर से बताई दवा की पूरी मात्रा लें।

रघुनाथ चौधरी, सहायक आचार्य (मेडिसिन), मेडिकल कॉलेज

Updated on:
19 Nov 2025, 12:00 PM IST
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