सिरोही

अव्यवस्था का पर्याय बना सिरोही रोड बस स्टैण्ड

अंदर नहीं आती कई बसें, इंतजार करते रहते हैं यात्री, निजी वाहन कूट रहे चांदी

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सिरोही/पिण्डवाड़ा. जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते सिरोही रोड बस स्टैण्ड अव्यवस्था का पर्याय बन गया है। यहां प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखाया जा रहा है। परिसर चारों ओर गंदगी से भरा रहता है। अंदर प्रतीक्षालय में इधर-उधर शराब के खाली पव्वे व गंदगी पड़ी रहती है। ऐसा लगता है कि कई दिनों से सफाई ही नहीं हुई।
परिसर की सड़क का नामोनिशान मिट चुका है। कंकरीट निकल आई है। वर्षा के दौरान कीचड़ हो जाता है। पुरुष मूत्रालय में कांटे रखे हुए हैं। लगता है इसका कभी उपयोग ही नहीं हुआ है। पास ही विकलांग शौचालय है जिस पर ताला लगा है। बनने के बाद इसे भी शुरू नहीं किया गया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि पास ही सुलभ कॉम्प्लेक्स बना है। लोग उसी का उपयोग करते हैं। सब कमाई का मामला है। जानकारों के अनुसार यहां सफाई व्यवस्था रोडवेज प्रशासन के जिम्मे है पर नगर पालिका कर्मचारी कचरा ले जाते हैं। रोडवेज की ओर से टैण्डर जारी नहीं करने से नियमित सफाई ठप है।
कचरे से आवारा पशुओं की भरमार रहती है। कचरा पात्र नहीं होने से हर खाने-पीने सहित सड़ी-गली सब्जी-फल यहां डाल दिए जाते हैं। बारिश के दिनों में गंदगी ज्यादा हो जाती है। यात्रियों व लोगों को यहां से निकलने में परेशानी होती है। पशु पॉलिथीन खाते नजर आते हैं। लोगों का कहना है कि सफाई तो सहयोग से होती है। अगर दुकानदार कचरा पात्र रखें तो व्यवस्था कुछ सुधर सकती है।

नहीं बैठता कोई रोडवेज कर्मचारी
करीब पांच वर्षों से बस स्टैण्ड पर रोडवेज कर्मचारी नहीं बैठता है। टिकट व्यवस्था ठेके पर दे रखी है। कमरों में ताले लगे हैं। ऐसे में अनजान यात्री बसों के बारे में पूछताछ कहां करें? उन्हें आस-पास दुकानदारों या लॉरी वालों से बसों की जानकारी लेनी पड़ती है। बस स्टैण्ड पर गिनी-चुनी बसें ही आती हैं। अधिकांश बसें फोरलेन से गुजर जाने के कारण यात्री इंतजार करते रहते हैं। रात नौ बजे बाद तो कोई बस अंदर नहीं आती है। ऐसे में लोगों को फोरलेन पर जाना पड़ता है। रात में वहां सुनसान क्षेत्र होने के कारण पिछले दिनों लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। क्षेत्र में कई बड़े उद्योग होने के बावजूद परिवहन व्यवस्था सही नहीं होने से लोग परेशान होते हैं। इन हालात में निजी वाहन चांदी कूट रहे हैं।

मुश्किल होती है...
सप्ताह में तीन-चार बार सिरोही व अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। बस के इंतजार में स्टैण्ड पर ही बैठना पड़ता है लेकिन बस स्टैण्ड चारों ओर से गंदगी से अटा होने के कारण मुश्किल होती है।
- बिशनसिंह, स्थानीय निवासी

कचरा पात्र नहीं...

बस स्टैण्ड में एक भी कचरा पात्र नहीं है। यात्री कुछ खाने-पीने का सामान लेता है तो उसे कचरा वहीं फेंकना पड़ता है। इसी वजह से बीमारियां फैलने की भी आशंका रहती है।
- बलवंतसिंह, स्थानीय निवासी

हमारे पास बजट नहीं...

बस स्टैण्ड पर सफाई कर्मियों की कमी के चलते शौचालय चालू नहीं किया गया है। छोटा बस स्टैण्ड होने के चलते शौचालय शुरू करने से गंदगी और दुर्गंध फैलेगी जिससे आम यात्री परेशान हो जाएंगे। सड़क मरम्मत के लिए हमारे पास बजट नहीं है। इस कारण कंकरीट डालकर मरम्मत करवाई है।
- जगदीशसिंह, कार्यवाहक मुख्य प्रबंधक, सिरोही आगार

Published on:
07 Dec 2020 04:13 pm
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