घोरावल विधानसभा: इस सीट पर सपा का गणित गड़बड़ा सकते हैं अनिल मौर्या

वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले इस सीट पर बसपा के अनिल मौर्या का कब्जा था।

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Oct 06, 2016
ghorawal constituency
सोनभद्र.
जिले में सबसे पिछड़ा माने जाने वाले इस इलाके की विधानसभा सीट पर वर्तमान में सपा के रमेश दुबे का कब्ज़ा है । वर्ष 2012 के चुनाव में दो बार के विधायक रह चुके शक्तिशाली बसपा नेता अनिल मौर्या को शिकस्त देते हुए पहली बार रमेश दुबे विधायक बने । पूरी तरह से खेती पर निर्भर सोनभद्र जिले की घोरावल विधानसभा सीट जो पहले राजगढ़ विधानसभा में आती थी, इस पर 2012 के चुनाव से पहले बसपा के अनिल मौर्या का कब्ज़ा था।



कभी सूबे के सबसे शक्तिशाली परिवार यानि कमलापति त्रिपाठी के परिवार के सदस्यों की पसंदीदा रही, इस सीट को 2002 में बसपा ने हथिया लिया था, पर घोरावल विधानसभा बनने के बाद पहली बार सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रमेश दुबे ने इस सीट पर जीत दर्ज कर इसे सपा की झोली में डाल दिया। लेकिन इस बार उनकी राह कुछ मुश्किल लग रही है, क्योंकि बसपा के टिकट पर इलाके के जुझारू और कद्दावर ठाकुर नेता की पत्नी बीना सिंह के साथ ही इस सीट पर बीजेपी में शामिल हुए नेता अनिल मौर्य भी सपा का गणित गड़बड़ा सकते हैं।




यह सीट भले ही दलित बाहुल हो पर यहां मौर्य वोटर भी संख्या के लिहाज से दूसरे नम्बर पर हैं और निर्णायक किरदार अदा करते हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि अनिल मौर्य भाजपा के टिकट से इस सीट से हाथ आजमा सकते हैं । राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सपा के ताजा समीकरण तोड़ने और जीत हासिल करने के लिये मौर्या मतदाता की जरूरत पड़ेगी । गुंडाराज और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने वाली भाजपा वर्तमान विधायक रमेश दुबे की फर्मो का स्मारक घोटाले में संलिप्तता का मुद्दा उठाकर उनकी रह मुश्किल करने की कोशिश करेगी ।



घोरावल विधानसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या

पुरुष-1,88,270

महिला-1,57,525

कुल-3,45,795



जातिगत अाधार पर मतदाताओं की संख्या

मौर्या-55000

ब्राम्हण-45000

यादव-22000

पटेल-35000

दलित-41000

वैश्य-28000

बियार,बिन्द,चौहान-22000

क्षत्रिय-14000

कनौजिया-12000

अल्पसंख्यक-21000

कोल-16000

कायस्थ-6000

नाई-4500

बैसवार-10000


Published on:
06 Oct 2016 06:42 pm
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