जोधपुर की बाप तहसील में यह प्लांट लगने की संभावना है। इसके बाद जोधपुर में 25 सौ मेगावाट का प्लांट कुल सोलर जनरेशन की क्षमता हो जाएगी। खास बात यह है कि पिछले लम्बे समय से इसके लिए 11 सौ करोड़ का निवेश होने की संभावना है। जोधपुर में भड़ला सोलर पार्क के बाहर बड़े प्लांट लगाने की कवायद है।
अविनाश केवलिया/जोधपुर. भड़ला सोलर पार्क जो कि प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा सोलर पार्क साबित हो रहा है, उसके बाहर भी सोलर प्लांट लगाने में कई बड़ी कंपनियां रुचि दिखा रही हैं। जोधपुर में एक बड़ी कंपनी ने 250 मेगावाट का एक और प्लांट लगाने की तैयारी कर ली है।
जोधपुर की बाप तहसील में यह प्लांट लगने की संभावना है। इसके बाद जोधपुर में 25 सौ मेगावाट का प्लांट कुल सोलर जनरेशन की क्षमता हो जाएगी। खास बात यह है कि पिछले लम्बे समय से इसके लिए 11 सौ करोड़ का निवेश होने की संभावना है। जोधपुर में भड़ला सोलर पार्क के बाहर बड़े प्लांट लगाने की कवायद है।
सोलर पार्क में 22 सौ मेगावाट
भड़ला सोलर पार्क के 4 चरण में कुल 22 सौ मेगावाट प्लांट की क्षमता है। इनमें से तीन चौथाई की क्षमता को शुरू किया जा चुका है। करीब 3 सौ मेगावाट सोलर उपकरण जल्द ही उत्पादन में आएंगे।
आ चुकी कई बड़ी कंपनियां
जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान में कई बड़ी कंपनियां पहले ही सोलर प्लांट लगाने के लिए जा चुकी है। इनमें रिलायंस, बिड़ला समूह, अडाणी के साथ ही महिंद्रा पॉवर प्रमुख है। पीजीसीएल कंपनी ने तो यहां अपना 765 केवी का पावर हाउस भी बनाया है।
इनका कहना है...
कई निजी कंपनियां हमारे पास रजिस्टे्रशन करवाती है। सेकी या एनटीपीसी की टैंडर प्रक्रिया पूरी कर यह राजस्थान को अपना पसंदीदा जगह बना रही है। अभी कुछ और निजी कंपनियों के भी पश्चिमी राजस्थान में आने की संभावना है।
- अनिल गुप्ता, प्रबंध निदेशक, राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन