जयपुर

मोतीलाल ओसवाल ज्ञानदीप भवन का शिलान्यास, पढ़ सकेंगे दृष्टिबा​धित बच्चे

गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के जोधपुर में मोतीलाल ओसवाल ज्ञानदीप भवन – दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए कॉलेज भवन तथा मोतीलाल ओसवाल ज्योतिसदन – दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए छात्रावास की आधारशिला रखी।
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Sep 23, 2025
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- मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने राजस्थान के पहले दृष्टिबाधित डिग्री कॉलेज व महिला छात्रावास बनाने की परियोजना की शुरुआत की

जयपुर। गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के जोधपुर में मोतीलाल ओसवाल ज्ञानदीप भवन – दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए कॉलेज भवन तथा मोतीलाल ओसवाल ज्योतिसदन – दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए छात्रावास की आधारशिला रखी। ये दोनों ही महत्वपूर्ण परियोजनाएँ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को समर्पित हैं। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता के फलस्वरूप बने ये दोनों ही भवन दृष्टिबधितों के लिए बने राजस्थान के प्रथम डिग्री कॉलेज और छात्राओं के लिए विशेष छात्रावास की स्थापना को दर्शाते हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन जोधपुर के चोखा के नेत्रहीन विकास संस्थान में हुआ। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष मोतीलाल ओसवाल, नेत्रहीन विकास संस्थान की संस्थापिका एवं अध्यक्षा सुशीला बोहरा, पारसमल बोहरा कॉलेज के अध्यक्ष अनिल बोहरा और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

मोतीलाल ओसवाल ज्ञानदीप भवन में हिंदी साहित्य, इतिहास, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, संगीत और समाज-शास्त्र जैसे विषयों में स्नातकस्तर का अध्ययन उपलब्ध होगाा। इस महाविद्यालय का भवन 1,580 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमें 10 अत्याधुनिक कक्षाएँ होंगी। मोतीलाल ओसवाल ज्योतिसदन, महिला छात्रावास 1750 वर्ग मीटर में स्थित है जिसमें 28 कमरे उपलब्ध होंगे। यहाँ भारत भर से आने वाली दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए रहने, खाने और आवागमन की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध होगी। इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिव्यांग विद्यार्थियों के शिक्षा पथ पर आने वाली मुसीबतों को हटाकर उन्हें उच्च शिक्षा देना तथा उनकी आत्म-निर्भरता बढ़ाना है।

अध्यक्ष मोतीलाल ओसवाल, ने कहा, ‘सीखो, कमाओ और लौटाओ’ के हमारे दर्शन ने हमेशा हमारा मार्गदर्शन किया है। समानता और सशक्तिकरण की नींव शिक्षा ही है। जोधपुर में ये सुविधाएँ उपलब्ध कराने के पीछे हमारा लक्ष्य एक ऐसी दुनिया के निर्माण में सहयोग देना है जहाँ दृष्टिबाधित होना शैक्षणिक उत्कृष्टता और पेशेवर सफलता के लिए कभी बाधक न बने। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के न्यासी रामदेव अग्रवाल कहते हैं, “हमारा मानना है कि प्रयासों का निवेश वहीं करना चाहिए जहाँ उनकी सबसे ज़्यादा जरूरत हो। जोधपुर के इन संस्थानों के माध्यम से हम भारत के दृष्टिबाधित युवाओं को विकास, सफलता और आत्मनिर्भर जीवन के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं”।

Updated on:
23 Sept 2025 08:10 am
Published on:
23 Sept 2025 08:10 am