क्षेत्र में खेल प्रेमियों के लिए खुशखबर है कि अब पुलिस जिला भिवाड़ी मुख्यालय पर भी उन्हें खेल सुविधाओं की सौगात मिलने वाली है। इस कवायद में बीडा प्रशासन ने कदम उठाते हुए बैठक बुलाकर मंथन करते हुए जनप्रतिनिधियों, खेलप्रेमियों व संगठनों के पदाधिकारियों से सुझाए लिए हैं और अपनी कार्ययोजना भी उन्हें बताई है। औद्योगिक नगरी में स्टेडियम निर्माण की लंबे समय से मांग चल रही है।
भिवाड़ी. क्षेत्र में खेल प्रेमियों के लिए खुशखबर है कि अब पुलिस जिला भिवाड़ी मुख्यालय पर भी उन्हें खेल सुविधाओं की सौगात मिलने वाली है। इस कवायद में बीडा प्रशासन ने कदम उठाते हुए बैठक बुलाकर मंथन करते हुए जनप्रतिनिधियों, खेलप्रेमियों व संगठनों के पदाधिकारियों से सुझाए लिए हैं और अपनी कार्ययोजना भी उन्हें बताई है। औद्योगिक नगरी में स्टेडियम निर्माण की लंबे समय से मांग चल रही है। इस पर गौर करते हुए बीडा स्टेडियम निर्माण का खाका खींचा है। जिसका निर्माण 32 बीघा जमीन में होगा और करीब 32.70 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
यहां बनेगा स्टेडियम
बीडा अभियंताओं ने प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण के बारे में बताया कि बीडा की ओर से गौरवपथ से आलमपुर गांव वाले रास्ते पर स्थित 32 बीघा भूमि चिह्नित की है और वहां स्टेडियम निर्माण के लिए डीपीआर भी तैयार की है। निर्माण पर 32.70 करोड़ रुपए का खर्च आंका गया है। अभियंताओं के अनुसार निर्माण दो चरण में होगा। पहले चरण में 20.55 करोड़ रुपए का कार्य होगा। जिसमें इनडोर बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट मैदान, 400 मीटर आठलेन रेसिंग ट्रेक, पवैलियन, वालीबॉल, कबड्डी कोर्ट, सार्वजनिक शौचालय, चारदीवारी, पथ-वे, अंदर की सडक़, विद्युतीकरण आदि कार्य शामिल है। दूसरे चरण में 12.15 करोड़ से प्रशासनिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, म्यूजिकल फाउंटेन, मेडिकल ब्लॉक का निर्माण शामिल है। बैठक में नगर परिषद सभापति शीशराम तंवर, उप सभापति बलजीत दायमा, एसई तैय्यब खान, एक्सईएन, जेईएन सहित कई पार्षद शामिल रहे। जिन्होंने बताया कि स्टेडियम का मुख्य गेट वर्तमान में गौरवपथ से आलमपुर गांव जाने वाले रास्ते पर है, लेकिन अलग-अलग दिशा में दो गेट लगाने, पवैलियन के नीचे खिलाडिय़ों के ठहरने के लिए कमरों का निर्माण, स्टेडियम तैयार होने के बाद उसके रख-रखाव, महिला खिलाडिय़ों के लिए अलग शौचालय निर्माण, सबसे पहले चारदीवारी का निर्माण, डे-नाइट मैच के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और चारदीवारी के साथ ट्रेक का निर्माण कराने आदि सुझाव दिए।