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रीको पार्क में बिना लागत के लाखों की खेती उगाने वालों पर मेहरबानी

चारदीवारी वाले पार्क में कौन उगा रहा फसल, बताने को तैयार नहीं रीको अधिकारी

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भिवाड़ी. औद्योगिक क्षेत्र पथरेड़ी स्थित रीको के पार्क में खेती हो रही है। पार्क रीको का, चारदीवारी रीको की, पार्क के अंदर स्थित पंप हाउस से सिंचाई और बिजली का बिल भी रीको अदा कर रही है। फ्री की जमीन पर लाखों की फसल तैयार हो रही है। फसल किसकी है, इसको लेकर कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। पथरेड़ी में अब्दुल्ला मार्केट के सामने रीको का बड़ा पार्क है। पार्क के एक हिस्से में आकाशीय टंकी है, यहां से उद्योग क्षेत्र में जलापूर्ति की जाती है। पार्क के अंदर हाइड्रेंट सिस्टम भी है, क्षेत्र में आगजनी की घटना होने पर यहीं से रीको की दमकल पानी लेती हैं, जिसकी वजह से पक्की सडक़ भी निर्मित की गई है। चारदीवारी वाले पार्क का उपयोग खेती में किया जा रहा है। रीको के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से कई बीघा जमीन का दुरुपयोग हो रहा है। रीको को ऐसे पार्क में पौधारोपण करना चाहिए, जिससे कि औद्योगिक क्षेत्र की हवा स्वच्छ हो सके। रीको बारिश के सीजन में पौधारोपण करती है। फुटपाथ पर होने वाले पौधारोपण में से अधिकांश पौधे नष्ट हो जाते हैं क्योंकि उन्हें जानवर और वाहन तोड़ देते हैं। अगर इस तरीके के चारदीवारी वाले पार्क में पौधारोपण किया जाए तो शत प्रतिशत पौधे जीवित रहेंगे और पौधारोपण में लागत भी कम आएगी। इस तरह के पार्क में पौधारोपण का काम बड़ी कंपनियां भी आसानी से सीएसआर फंड के तहत कर देती हैं। कभी बार रीको को लक्ष्य पूरा करने के लिए जमीन नहीं मिलती, जबकि इस तरह के पार्क में फसल उगाई जाती हैं। सलारपुर, खुशखेड़ा, कारोली की तरह चौपानकी और पथरेड़ी में भी रीको के औद्योगिक भूखंड में फसल उगाई जा रही है। कई जगह तो सडक़ की बराबर में स्थित फुटपाथ पर ही फसल उगा दी गई है। औद्योगिक क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां उत्पादन करती हैं। नए निवेशक भी आते हैं, उनके लिए इस तरह औद्योगिक क्षेत्र के बीच में खेती किसानी का माहौल अच्छा नहीं होता है। देश-विदेश से बड़ी कंपनियां माल खरीदने से पहले ऑडिट करने आती हैं। कंपनियां औद्योगिक क्षेत्र का माहौल देखती हैं। इस तरह के माहौल में स्थानीय इकाइयों को अपनी साख बचाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ऑडिट करने आई बड़ी कंपनियां ऑर्डर निरस्त कर देती है, जिसका खामियाजा स्थानीय उद्यमियों को भुगतना पड़ता है।

यह मामला संज्ञान में आया है, इसको दिखवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। रीको क्षेत्र में किसकी ओर से खेती की जा रही है, यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है।
निमिषा गुप्ता, एडवाइजर इंफ्रा, रीको